फरीदाबाद। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली को दहलाने की खतरनाक साजिश रचने वाले आतंकी डॉ. मुजम्मिल शकिल की करतूतों से पर्दा उठना शुरू हो गया है। अल-फलाह यूनिवर्सिटी से गिरफ्तार इस आतंकी डॉक्टर को लेकर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम देर रात फरीदाबाद पहुँची। करीब चार घंटे तक चली इस गुप्त ऑपरेशन में एनआईए ने फरीदाबाद और गुरुग्राम के सोहना और फतेहपुर तगा में करीब चार घंटे तक विभिन्न लोकेशनों पर शिनाख्त करवाई, जहाँ मुजम्मिल ने लगभग 3 टन (3000 किलोग्राम) से अधिक रासायनिक विस्फोटक जमा कर रखा था।
एनआईए सूत्रों के अनुसार, जांच का मुख्य केंद्र मुजम्मिल द्वारा जुटाए गए विस्फोटक जखीरे पर रहा। टीम ने आतंकी को सबसे पहले फतेहपुर तगा स्थित उस घर पर ले जाकर पूछताछ की, जहाँ से 2,563 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट के 50 कट्टे बरामद हुए थे। मुजम्मिल ने खुलासा किया कि उसने इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक दो बार कार में भरकर यहाँ जमा किया था। इसके अलावा, टीम ने उस दूसरी लोकेशन पर भी जांच की, जहां लगभग 360 किलोग्राम तैयार अमोनियम नाइट्रेट 10-12 सूटकेस में भरकर, किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए छिपाकर रखा गया था।
जांच टीम ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी परिसर में भी घंटों पड़ताल की, जहाँ मुजम्मिल डॉक्टर बनकर लंबे समय से रह रहा था। एनआईए ने यूनिवर्सिटी कैंपस में उसके रहने के स्थान, पढ़ाई के कमरे, मेडिकल केबिन और मरीजों का इलाज करने की जगहों की शिनाख्त करवाई। टीम ने इस दोहरे चरित्र वाले मुजम्मिल के अलमारी की दोबारा जांच की और यह भी पता लगाया कि कैंपस में उसकी गतिविधियां क्या थी और किन छात्रों से वह संपर्क में रहता था। विस्फोटक जुटाने के स्रोत को जानने के लिए एनआईए मुजम्मिल को फरीदाबाद से सोहना मंडी लेकर गई। यहाँ उससे उन दो बीज भंडारों की पहचान करवाई गई, जिनसे वह संपर्क में था। इतनी भारी मात्रा में रसायन जुटाने का उसका मकसद क्या था और इस साजिश में कौन-कौन लोग शामिल थे, इस संबंध में एनआईए ने मुजम्मिल से मौके पर खड़े होकर विस्तृत पूछताछ की। पूरी कार्रवाई के दौरान एनआईए की टीम फरीदाबाद और सोहना की विभिन्न लोकेशनों पर करीब चार घंटे तक मौजूद रही। सभी स्थानों पर गहन पड़ताल और पूछताछ पूरी करने के बाद टीम उसे वापस दिल्ली लेकर रवाना हो गई।
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