दबे-कुचलों की आवाज बनेगा मानव अधिकार मिशन: डॉ. महेंद्र शर्मा
इंदौर। आज श्री मध्य भारत हिंदी साहित्य समिति के सभागार में मानव अधिकार मिशन द्वारा शपथ ग्रहण समारोह एवं मानव अधिकार जागरूकता सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. महेंद्र शर्मा उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा नव-नियुक्त पदाधिकारियों एवं सदस्यों को मानव अधिकारों की रक्षा एवं सेवा के लिए शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर डॉ. महेंद्र शर्मा ने अपने संबोधन में मानव अधिकारों की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि—
“समाज के वे लोग जो दबे-कुचले हैं, जिनकी कोई आवाज उठाने वाला नहीं है, मानव अधिकार मिशन उनकी आवाज को बुलंद करने का कार्य करता है। हमारा उद्देश्य उनकी समस्याओं को शासन-प्रशासन तक पहुँचाकर उन्हें न्याय दिलाना है।”
सम्मेलन में मानव अधिकारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई तथा आमजन को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया। कार्यक्रम के दौरान समाज सेवा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कई समाजसेवियों को सम्मानित भी किया गया।
इस आयोजन में मिशन के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एम एस जन्मेदा, विजय मंगला, गुजरात के प्रभारी शकील भाई, मध्यप्रदेश के संरक्षक डॉ0.दिनेश चंद्र शर्मा अभिषेक अखिलेश सिंह विवेक प्रताप सिंह यशवर्धन कोठारी भंवर सिंह रणवीर सिंह अभिषेक ठाकुर रौनक वर्मा परशुराम शर्मा ऋषिराज सिंह ठाकुर आशीष कानून को संजय परमार निकुंज गोदयनी प्रमोद गणेशाराम पाटीदार दिनेश चंद्र निरंजन दुबे विनोद कुमार चौधरी अमित सिंह परिहार प्रियंका राज पवार मयंक वर्मा शुभम मुस्कान लाखन सिंह भदोरिया अमित कुमार शर्मा सुनील कानून को सुमित कौशल अमित वर्मा अभिषेक दीवान रमेश राजपूत महिला अध्यक्ष सारिका सोलंकी उपाध्यक्ष सारिका चौहान मीनाक्षी राठौर प्रमिला सिंगर अंकित शुक्ला निशि अग्रवाल नेहा कानून को निधि एकता कीर्ति शर्मा श्वेता शर्मा महक शर्मा विनीत त्यागी पायल आणि प्रियंका राज पवार मुस्कान श्रद्धा चौधरी सीमा पटेल बृजबाला राठौर प्रतिभा बघेल रिया प्रजापत किरण जी मोना शर्मा राठौर रेखा भदोरिया सीमा सेंगर उषा कराने संदीप जी अंकित आदि सैकड़ो ,पदाधिकारी, सदस्यगण एवं बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने समाज में मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और संगठन की मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ।

















