देश के 11 राज्यों में गुरुवार को आंधी-बारिश ने तबाही मचाई। मध्य प्रदेश के भोपाल में 70kmph की रफ्तार से तूफान आया। इससे कई इलाकों में 80 से ज्यादा पेड़ गिरे।
उत्तर प्रदेश के भी 12 शहरों में बारिश हुई, नोएडा में भी दोपहर बाद तेज हवाओं के कारण 400 पेड़ उखड़ गए। पेड़ गिरने कई जगह गाड़ियां दब गईं। रास्ते घंटों जाम रहे।
राजस्थान के जयपुर में दिल्ली से 4 फ्लाइट डायवर्ट करनी पड़ीं। श्रीगंगानगर में ओले गिरे। दिल्ली-एनसीआर में भी खराब मौसम के कारण 11 उड़ानों को डायवर्ट करना पड़ा।
इधर, हरियाणा के फरीदाबाद में फ्लाईओवर बनाने लगाई गई क्रेन तेज हवाओं के कारण पलट गई। इसमें 3 मजदूरों की मौत हो गई। बिहार के भागलपुर में बिजली गिरने से मां-बेटी की मौत हो गई।
राजस्थान, गुजरात, पंजाब, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, तमिलनाडु के कुछ जिलों में अभी भी गर्मी के तेवर कम नहीं हुए हैं। राजस्थान के 11 जिलों में गुरुवार को पारा 40 डिग्री से ऊपर रिकॉर्ड किया गया। श्रीगंगानर में पारा 44°C से ज्यादा रहा।
मध्य प्रदेश में प्री मानसून के चलते पिछले दो दिन से प्रदेश के आधे हिस्से में तेज आंधी-बारिश का दौर चल रहा है। भोपाल में गुरुवार शाम करीब 70kmph की रफ्तार के साथ आंधी चली और बारिश हुई। करीब 80 पेड़ गिर गए। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर समेत करीब 45 जिलों में बारिश का अलर्ट है।राजस्थान में मानसून जुलाई के पहले हफ्ते में पहुंचेगा। इससे पहले प्रदेश में प्री-मानसून की शुरुआत हो गई। जयपुर में गुरुवार रात रुक-रुककर बारिश होती रही। भरतपुर में आंधी के कारण एक घर की दीवार ढह गई। एक महिला की मौत हो गई। प्रदेश के 22 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है।आज यूपी के 38 जिलों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट है। इनमें से 21 जिलों में ऑरेंज और 17 में यलो अलर्ट है। लखनऊ-आगरा समेत 5 शहरों में शुक्रवार सुबह से बारिश हुई। मानसून 18 जून तक गोरखपुर के रास्ते प्रदेश में प्रवेश करेगा। यह 22 जून तक लखनऊ पहुंच सकता है।


