ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में लगातार टूट जारी है। बुधवार को राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने पार्टी और पद से इस्तीफा दे दिया। सभापति सीपी राधाकृष्णन ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है।
पिछले 3 दिनों में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दो राज्यसभा सांसद पार्टी छोड़ चुके हैं। इससे पहले 8 जून को सुखेंदु शेखर ने राज्यसभा से इस्तीफा दे दिया था, पार्टी भी छोड़ दी थी।
टीएमसी के लोकसभा में 28 में से 20 सांसद और राज्यसभा में 13 में से 2 सांसद यानी कुल 22 सांसद टूट चुके हैं। 3 जून को बंगाल के 80 में से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं।
उन्होंने ऋतब्रत बनर्जी को विधानसभा में विपक्ष का नेता बनाने के लिए स्पीकर को पत्र दिया था। ऋतब्रत ने बुधवार को कहा कि हमारे पास 64 विधायक हैं। बाकी के 6 विधायक भी स्पीकर को चिट्ठी सौंपेंगे।
8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया है। इसमें अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में अलग बैठने की व्यवस्था की मांग भी की गई।
3 जून को टीएमसी में पहली बार बगावत की खबर सामने आई थी। 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी।
टीएमसी के पास कुल 28 लोकसभा सांसद थे, जिसमें से 20 अलग हो गए हैं। अब लोकसभा में ममता के पास सिर्फ 8 सांसद बचे हैं। राज्यसभा की बात करें तो 13 में से दो सांसद इस्तीफा दे चुके हैं यानी सिर्फ 11 राज्यसभा सांसद बचे हैं।
विधानसभा की बात करें तो टीएमसी ने इस बार के चुनाव में 80 सीटें जीतीं थीं। जिसमें से 58 विधायक अलग गुट बना चुके हैं। ममता के पास सिर्फ 22 विधायक बचे हैं।
पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने सोमवार को TMC नेता जहांगीर खान को गिरफ्तार कर लिया। यह गिरफ्तारी नेपाल बॉर्डर के पास से हुई। पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फालता पुलिस स्टेशन में खान के खिलाफ 7 FIR की गई थीं।


