बिजनौर/फरीदाबाद,12 जून।
सुनील कुमार जांगड़ा,
थाना क्षेत्र हीमपुर दीपा के गांव झाल- उलेढा मे सुप्रसिद्ध सिद्ध पीठ सती माता मंदिर के प्रांगण में आज राम कथा के अंतिम दिवस पर कथा व्यास आचार्य कुलदीप महाराज ने कहा कि भरत श्री रामचंद्र जी के चरण खड़ाऊ ले जाने के बाद श्री राम ऋषि अत्रि के आश्रम में पहुंचे। आश्रम में पहुंचने पर माता अनुसूया ने सीता का भव्य स्वागत किया और चार प्रकार के मन के आभूषण का वास्ता देकर सुसज्जित किया और बताया की मन के आभूषण को कोई लूट नहीं सकता इसलिए इन पर हर स्त्री को इस पर अमल करना चाहिए। उसके बाद अगस्त ऋषि के आश्रम में पहुंचे, पंचवटी पहुंच जाते हैं और वहां लक्ष्मण द्वारा सुप्रनखा के नाक कान काटे जाते हैं.। पंचवटी पर रावण, राम की भार्या सीता का हरण कर ले जाता है सीता ले जाते समय जटायु के विरोध करने पर रावण ने उसे घायल कर दिया। माता सीता को तलाश करते हुए श्री राम जटायु के पास पहुंचे तो उसने रावण के विषय में बताया कि माता सीता को रावण ले गया है।
उसके बाद शबरी माता की शरण में जाकर प्रेम रूपी झूठे बेर खाए। उसके बाद सुग्रीव के यहां हनुमान का मिलन हुआ और हनुमान जी नल, जामवंत सुग्रीव सेवा के साथ लंका पर चढ़ाई कर देते हैं इसके बीच आचार्य जी ने लक्ष्मण मूर्छा, सुलोचना सती, मेघनाथ- लक्ष्मण युद्ध, अंत में राम रावण युद्ध का विस्तार से प्रसंग समझाया। राम ने रावण पर विजय पाकर सीता सहित अवध वासियों ने जोर-दार स्वागत कियागया। अवध पहुंचने पर श्री रामचंद्र जी अयोध्या के सिंहासन पर विराजमान होने का प्रसंग सुनाया पूरा पंडाल जय श्री राम के जयकारों से गूंजायमांन हो उठा । कथा के समापन पर आरती, शांति पाठ और प्रसाद वितरण किया गया।
विशाल भंडारे का आयोजन-आज अंतिम दिवस के मौके पर माता सती के प्रांगण में लगभग 4000 श्रद्धालुओं ने राम कथा का श्रवण किया। श्री सुरेश कुमार पाल निवासी झाल द्वारा श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसका सभी ने प्रसाद ग्रहण किया।
कथा श्रवण करने के अंतिम दिन सती माता के मंदिर पहुंच कर शीश नवाने वालों में पूर्व मंत्री एवं सदस्य विधान परिषद श्री अशोक कटारिया, जितेंद्र सिंह प्रदेश महामंत्री विश्व हिंदू परिषद, जगत सिंह दोसा मेरठ, संदीप त्यागी, प्रशांत कुमार डायरेक्टर सेंट्रल यूनिवर्सिटी हरियाणा, डॉ नरेश पाल सिंह प्रदेश महामंत्री( संगठन) ग्रामीण पत्रकार एसोसिएशन उत्तर प्रदेश,कैलाश चंद प्रधानाचार्य, मास्टर राजपाल सिंह,संजय सचिव, कल्याण सिंह बिजनौर, रवि ढाका, शिव अवतार,सीताराम, कुलदीप विद्यार्थी, वचन भगत, वेदपाल,संजीव कुमार, कटार सिंह, नेपाल सिंह, वेदपाल सिंह बबलू सिंह ओंकार सिंह बृजपाल सिंह, प्रमोद कुमार जी एम सिवाहारा शुगर मिल, पूर्व प्रधान नीरज कुमार आदि का कथा आयोजन और भंडारे में विशेष सहयोग रहा।


