पीएम मोदी बुधवार को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता स्थित देश के सबसे बड़े हिंदू मंदिर प्रम्बानन पहुंचे। इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो भी उनके साथ गए। दोनों ने मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। पीएम ने मंदिर में दर्शन भी किए।
उन्होंने मंदिर परिसर में अपने संबोधन में कहा- मुझे किसी न किसी रूप में हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का मौका मिला है। सोमनाथ, काशी विश्वनाथ, केदारनाथ धाम और उज्जैन के महाकाल मंदिर के बाद प्रम्बानन मंदिर के विकास का मौका मिलना मेरा सौभाग्य है।
पीएम मोदी के इंडोनेशिया से ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न के लिए रवाना हो गए हैं। वे 8 से 10 जुलाई तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रहेंगे। उन्हें पांच इंडोनेशियाई फाइटर जेट ने एस्कॉर्ट किया।
इंडोनेशिया के जावा द्वीप पर योग्याकार्ता के पास स्थित प्रम्बानन मंदिर दक्षिण-पूर्व एशिया का दूसरा सबसे बड़ा हिंदू मंदिर है। पहले स्थान पर कंबोडिया का अंगकोर वाट है। प्रम्बानन मंदिर एक हजार साल पुराना है।
इसका परिसर कभी करीब 240 मंदिरों में फैला था। यहां त्रिमूर्ति- भगवान शिव, विष्णु और ब्रह्मा के तीन मुख्य मंदिर हैं। इनमें 47 मीटर ऊंचा शिव मंदिर सबसे बड़ा है। मंदिर की दीवारों पर रामायण और अन्य हिंदू ग्रंथों की कहानियां उकेरी गई हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि दुनिया के किसी भी कोने में चले जाइए, वहां भारत की सांस्कृतिक विरासत की झलक जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि प्रम्बानन दक्षिण-पूर्व एशिया में भारतीय विरासत की दूसरी सबसे बड़ी पहचान है। यहां भगवान शिव, मां दुर्गा और भगवान गणेश की प्रतिमाएं हैं और सदियों से पूजा होती आ रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि राष्ट्रपति प्रबोवो ने उनसे 2029 तक मंदिर के जीर्णोद्धार का काम पूरा करने का वादा लिया है और वह भी वादा करते हैं कि जीर्णोद्धार पूरा होने के बाद दोबारा इंडोनेशिया आकर इसका जश्न मनाएंगे। उन्होंने इंडोनेशिया के लोगों और शासकों का इस सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखने के लिए आभार भी जताया।
पीएम ने प्रम्बानन मंदिर के संरक्षण-जीर्णोद्धार परियोजना का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा- मेरा सौभाग्य रहा है कि किसी न किसी रूप में मुझे हमेशा भगवान शिव से जुड़ने का अवसर मिला।
उन्होंने कहा- मेरा जन्म वडनगर में हुआ, जहां हाटकेश्वर महादेव का प्रसिद्ध मंदिर है। गुजरात में मुझे सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के विकास की जिम्मेदारी मिली। मेरी राजनीतिक कर्मभूमि काशी है, जहां काशी विश्वनाथ का आशीर्वाद हमेशा मिला।
पीएम ने आगे कहा- मुझे केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण और उज्जैन के महाकाल मंदिर के विकास से जुड़ने का अवसर भी मिला। अब करीब 1000-1200 साल पुराने प्रम्बानन मंदिर, जो ब्रह्मा, विष्णु और महेश से जुड़ा है, उसके जीर्णोद्धार कार्य की शुरुआत से जुड़ना भी मेरे लिए बड़ा सौभाग्य है। मैं खुद को बेहद भाग्यशाली मानता हूं।


