महाराष्ट्र के ठाणे में हॉस्पिटल के डॉक्टरों से मारपीट के मामले में शिवसेना (शिंदे गुट) के पार्षद रमेश म्हात्रे को बुधवार की देर रात गिरफ्तार कर लिया गया है। उनके तीन साथियों को भी पकड़ा गया है। वहीं, एक डॉक्टर ने नौकरी से इस्तीफा देकर ठाणे छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि यहां डर का माहौल है। अब कभी वापस नहीं लौटूंगा।
घटना सोमवार को कल्याण-डोंबिवली नगर निगम (KDMC) के शास्त्री नगर अस्पताल की है। अस्पताल के NICU में कोई बेड खाली नहीं था। इसलिए डॉक्टर सृष्टि बाविस्कर और डॉ. वैभव सालुंखे ने नवजात के परिजनों को दूसरे अस्पताल में भर्ती कराने की सलाह दी।
परिजन इससे नाराज हो गए। उन्होंने शिवसेना पार्षद रमेश म्हात्रे को अस्पताल बुला लिया। वह अपने तीन साथियों के साथ अस्पताल पहुंचे। डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ से मारपीट की।
पीड़ित डॉक्टर ने मीडिया से कहा, ‘ मैं घटना के बाद खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा हूं। इसलिए मैंने इस्तीफा दे दिया है और ठाणे छोड़ दिया है।’
डॉक्टर ने कहा, ‘यहां बहुत डर का माहौल है। गुंडे नजर रख रहे हैं। दूसरे डॉक्टर काम करना चाहें तो करें, लेकिन मैं अब कभी ठाणे वापस नहीं लौटूंगा।’
राज्य के उद्योग मंत्री उदय सामंत ने गुरुवार को कहा कि डिप्टी CM एकनाथ शिंदे ने आरोपी पार्षद को फटकार लगाई है। उन्होंने कहा कि महिला डॉक्टर पर हाथ उठाना गलत है और शिवसेना इस घटना का समर्थन नहीं करती। मामले में किसी तरह का राजनीतिक हस्तक्षेप भी नहीं किया गया।
कल्याण से सांसद श्रीकांत शिंदे समेत शिवसेना के कई नेताओं और विपक्ष ने घटना की आलोचना की है। ठाणे सांसद नरेश म्हास्के ने बताया कि पार्टी ने आरोपी पार्षद को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
महाराष्ट्र सरकार में मंत्री और भाजपा नेता नितेश राणे को सिंधुदुर्ग कोर्ट ने इंजीनियर पर कीचड़ फेंकने के मामले में एक महीने की जेल की सजा सुनाई। कोर्ट ने कहा कि जनप्रतिनिधि (सांसद, विधायक या पार्षद) कानून अपने हाथ में नहीं ले सकते।


