राजस्थान, गुजरात और उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में बीते 3-4 दिनों में कमजोर पड़ा मानसून 20 जुलाई से फिर रफ्तार पकड़ेगा। सैटेलाइट इमेज में पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर भारत के ऊपर घने बादल दिखाई दे रहे हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक, बांग्लादेश और पूर्वोत्तर के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम और पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) के कारण अगले कुछ दिनों में बारिश की गतिविधियां तेज होंगी।
मौसम विभाग ने आज उत्तर प्रदेश, बिहार समेत 18 राज्यों में बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल, पूर्वोत्तर राज्यों और पूर्वी उत्तर प्रदेश में अगले 6-7 दिनों तक कई जगह अच्छी से भारी बारिश होने का अनुमान है।
उत्तराखंड में लगातार बारिश के कारण कई जगह लैंडस्लाइड हुई है। 2 नेशनल हाईवे समेत 126 सड़कें बंद हैं। स्यानाचट्टी के पास ऋषिकेश-यमुनोत्री हाईवे रविवार को लगातार तीसरे दिन भी बंद रहा।
हरियाणा में हिमाचल से आ रहे पानी के कारण यमुना और मारकंडा नदी में पानी बढ़ गया है। इससे कई गांवों में बाढ़ जैसे हालात हैं। दिल्ली में बारिश से यमुना का जलस्तर बढ़ गया है। रविवार को यमुना नदी में नहाने गए 4 बच्चे तेज बहाव में बह गए।
प्रदेश के अलवर और भरतपुर समेत 9 जिलों में आज बारिश का अलर्ट है। पिछले 24 घंटों में बूंदी में 5 एमएम बारिश हुई है। इसके अलावा प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम पूरी तरह ड्राय रहा।
रविवार को फलोदी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 41°C दर्ज किया गया।छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों तक रायपुर समेत कई जिलों में बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर छत्तीसगढ़ में मानसून सक्रिय रहेगा। पिछले 24 घंटे में सरगुजा संभाग के कई इलाकों और बस्तर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। सबसे ज्यादा 10 मिमी बारिश खरोरा में दर्ज की गई।
राज्य में अब तक सामान्य से 21% कम बारिश हुई है। 1 जून से अब तक 252.4 मिमी बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 320.6 मिमी होनी चाहिए थी।


