राहुल गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह को चिट्ठी लिखी है। इसमें राहुल ने दो सवाल पूछे हैं। पहला- प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया? अगर आपने नहीं तो फिर किसने दिया? दूसरा- सामान्य कपड़ों में आए जिन लोगों ने लाठीचार्ज किया, वे पुलिसकर्मी थे या वॉलंटियर्स? उनकी तैनाती किसने की।
राहुल ने ये भी कहा कि स्टूडेंट्स से बात करने के बजाय सिक्योरिटी फोर्स ने उन्हें पीटा, आंसू गैस के गोले छोड़े। सैकड़ों लोग गंभीर रूप से घायल हुए। कइयों के निजी अंगों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। 19 साल के छात्र साहिल लोचब की एक आंख चली गई।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर क्रांतिकारी जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन खत्म हो चुका है। शनिवार को शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद CJP के प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका जेपी नड्डा से मिले और उनके सामने देश में शिक्षा सुधार के लिए 5 मांगें रखीं।
इनमें पेपर लीक मामलों में 10 साल की सजा, दोषियों की संपत्ति जब्त करने, नया नेशनल टेस्टिंग कमीशन बनाने और नियुक्तियों की स्वतंत्रता के बारे में कहा गया।
राहुल गांधी ने शुक्रवार को अपने आवास 10 जनपथ पर छात्रों के प्रदर्शन में घायल एक स्टूडेंट के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की था। राहुल ने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान एक अपराधी शिक्षा मंत्री हैं। वे हमारे एजुकेशन सिस्टम के ध्वस्त होने का प्रतीक हैं। उन्हें जाना ही होगा। उन्हीं की वजह से हजारों लोग सड़कों पर हैं।’
उन्होंने छात्र के हाथ, पीठ और छाती में लगे घाव को दिखाया। राहुल ने कहा, ‘मैं यह बताना चाहता हूं कि यहां खड़ा मेरा भाई उस समय पैलेट गन से घायल हो गया था, जब वह तिरंगा लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन कर रहा था।’
कांग्रेस ने 21 जुलाई को दोपहर 3:30 बजे पीएम मोदी के आधिकारिक आवास 7, लोक कल्याण मार्ग के पास धरना दिया था। इसमें राहुल, प्रियंका गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे, अखिलेश यादव समेत कई नेता शामिल हुए थे।
राहुल ने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की थी। इस दौरान पीएम मोदी इस्तीफा दो के नारे लगे थे।
ऐसा पहली बार हुआ कि पीएम आवास के पास किसी नेता प्रतिपक्ष ने धरना दिया हो। कांग्रेस ने प्लान बेहद सीक्रेट बनाया। खड़गे के बर्थडे के बहाने सांसदों और नेताओं को बुलाया था।
सरकार की ओर से स्थिति संभालने के लिए प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह को प्रदर्शन स्थल पर भेजा गया। उन्होंने राहुल से बातचीत की। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि राहुल ने पहले संसद में NEET पेपर लीक और उससे जुड़े विरोध प्रदर्शनों पर चर्चा कराने की मांग रखी थी।


