लोकसभा में पेपर लीक से जुड़ा ‘लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 बुधवार को ध्वनि मत से पास हो गया।
बिल पर मंगलवार को 9 घंटे चर्चा हुई। बुधवार को विपक्ष की तरफ से राहुल गांधी बिल पर 50 मिनट बोले। विपक्ष के हंगामे के बीच बिल पास हुआ।
इसके तहत पेपर लीक से जुड़े कानून सख्त कर दिए हैं। अब पेपर लीक से जुड़े अपराधों में अधिकतम 10 साल तक की जेल और 10 करोड़ रुपए तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
वहीं राज्यसभा में राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) बिल पास हो गया। अब जन-गण-मन की तरह वंदे मातरम को कानूनी संरक्षण मिलेगा। वंदे मातरम का अपमान, अनादर और गायन में बाधा डालना दंडनीय अपराध होगा।
राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण संशोधन विधेयक (2026) बिल के तहत 1971 के मूल अधिनियम में संशोधन का प्रावधान किया गया है। नए कानून में राष्ट्रगीत के अपमान के लिए तीन साल तक की जेल या जुर्माना या दोनों के प्रावधान हैं।
राहुल जी ने कहा कि शाह के साथ 30 गाड़ियों का काफिला था। इन्हें ये नहीं पता कि गृह मंत्री के साथ 30 गाड़ियां नहीं चलतीं और शाह विदेश नहीं गए हैं। तथ्यों के बिना गैरजिम्मेदारी से सदन में ये बातें कहना और फिर निकल जाना ये किसी नेता प्रतिपक्ष का व्यवहार हो ही नहीं सकता।
21 जुलाई को नेता प्रतिपक्ष पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए। इनकी हसरत है कि देश इनको पीएम बनाए। लेकिन इनका सपना पूरा नहीं हुआ तो ये पीएम आवास के बाहर जाकर बैठ गए। जब इन्हें समझाया गया निवेदन किया कि आप यहां से हट जाइए। तो इन्होंने कहा कि मुझे उठा लिया गया।
शुरू में ये प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए क्योंकि इन्हें लगा ये आम आदमी पार्टी का आंदोलन है। लेकिन बाद में इन्हें FOMO (फियर ऑफ मिसिंग आउट) हो गया।
बिल पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि विपक्ष बिल के नाम पर राजनीति कर रही है।
नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिन अपशब्दों का इस्तेमाल किया वे असंसदीय हैं। माननीय सदस्य खुद को भी इडियट समझें तो वह नहीं कर सकते। उन्हें नियमों की जानकारी नहीं है। यदि वे व्यक्ति विशेष के लिए ये शब्द नहीं बोल रहे तो क्या छात्रों के लिए ये शब्द थे। और यदि छात्रों को इडियट कहा जाए तो इससे दुर्भाग्यपूरअम कुछ नहीं है।


