राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर लोकसभा में विपक्षी सदस्यों के लगातार हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही मंगलवार तक स्थगित कर गई है। इसके पहले लोकसभा ने सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या (CJI सहित) 34 से बढ़ाकर 38 करने संबंधी बिल बिना चर्चा के पास कर दिया।
वहीं राज्यसभा ने MSME विकास (संशोधन) बिल पास कर दिया गया। इसके बाद सदन की कार्रवाई मंगलवार तक स्थगित कर दी गई।
विपक्षी सांसदों ने प्रश्नकाल शुरू होते ही नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और राम मंदिर चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर हंगामा शुरू कर दिया।
विपक्ष ने छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के सदन आने और उनके बयान की मांग करते हुए नारे लगाए।
संसद के मौजूदा सत्र में 8 बिल लिस्ट किए गए हैं। इनमें से वंदे मातरम और पब्लिक एग्जामिनेशन संशोधन बिल (पेपर लीक) दोनों सदनों में पास हो चुके हैं। सुप्रीम कोर्ट (जजों की संख्या) संशोधन बिल लोकसभा में और MSME विकास (संशोधन) बिल राज्यसभा में पास हुआ है।
जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) बिल, आयकर (संशोधन) बिल,, विदेशी अंशदान (FCRA) संशोधन बिल और विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान बिल को संसद की मंजूरी मिलनी बाकी है।
लोकसभा में केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला बिल पेश किया। पीठासीन अधिकारी ने सदस्यों से वैधानिक प्रस्ताव पर बोलने का आग्रह किया, लेकिन नारेबाजी जारी रहने के कारण बिल को वोटिंग के लिए रखा गया और फिर पास कर दिया गया।
विपक्ष के सदस्यों ने अध्यादेश लाने के खिलाफ एक वैधानिक प्रस्ताव पेश किया था, जिसे वॉइस वोट से खारिज कर दिया गया।
कांग्रेस सांसद राजीव शुक्ला ने कहा कि राम मंदिर दान का मुद्दा सोमवार को भी संसद में उठाया जाएगा। उन्होंने सवाल किया कि राम मंदिर ट्रस्ट संत-महात्माओं को क्यों नहीं सौंपा जाता? विश्व हिंदू परिषद (VHP) के सदस्य ट्रस्ट में क्यों हैं?
उन्होंने कहा कि महपाल सिंह के SIT के सामने दिए गए बयान से मामला और उजागर हुआ है। उनके मुताबिक, दान की रकम पर कारसेवकपुरम में रहने वाले VHP से जुड़े लोगों के पास गई और उसका इस्तेमाल VHP के कार्यक्रमों तथा मकान बनाने में किया गया।
समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा कि यह सिर्फ असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश है। सरकार से लोग पूरी तरह निराश हैं। राम जन्मभूमि से जुड़े भूमि घोटाले और दान की चोरी के मामले के लिए सरकार पूरी तरह जिम्मेदार है। यह बात उन्होंने राहुल गांधी, पप्पू यादव और अवधेश प्रसाद के खिलाफ सनातन धर्म के अपमान के मामले में दर्ज FIR पर प्रतिक्रिया देते हुए कही।


