पीएम मोदी ने एनडीए के 45 नए लोकसभा सांसदों के साथ शुक्रवार को पीएम आवास पर ब्रेकफास्ट मीटिंग की। इनमें TMC और उद्धव गुट के बागी सांसद भी थे।
ममता की पार्टी टीएमसी का साथ छोड़कर 20 बागी सांसद नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में शामिल हो गए थे। वहीं शिवसेना (उद्धव गुट) के 6 सासंद भी शिंदे गुट के साथ आ चुके हैं।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पीएम ने इन सांसदों से कहा कि NDA एक परिवार है। हम सहयोगी दलों के साथ हैं। हर व्यक्ति का सम्मान किया जाएगा। मैं NDA के हर सांसद के साथ खड़ा हूं। आपको किसी के बारे में चिंता करने की जरूरत नहीं है।
ममता बनर्जी का साथ छोड़ने वाले TMC के 20 बागी सांसद लोकसभा में अलग बैठ रहे हैं। 15 जून को तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) से विलय कर लिया था।
वहीं 22 जून को उद्धव का साथ छोड़कर 6 सांसद शिंदे गुट में शामिल हो गए थे। ये सांसद भी अब शिंदे गुट के साथ संसद में बैठ रहें हें।
संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था जो 13 अगस्त तक चलेगा।
महाराष्ट्र में उद्धव ठाकरे की शिवसेना में 22 जून को फिर बगावत हुई थी। लोकसभा के कुल 9 में से 6 सांसद पार्टी से अलग होकर डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल हो गए थे। लोकसभा में अब शिंदे के सांसदों की संख्या 7 से बढ़कर 13 हो गई है।
8 जून को टीएमसी के लोकसभा के 28 सांसदों में से 20 ने एनडीए सरकार को समर्थन देने का फैसला किया था। सांसद और TMC की पूर्व नेता काकोली घोष दस्तीदार ने कहा था कि सांसदों के साइन वाला पत्र लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को भेज दिया था।
बागी सांसदों ने नेशनलिस्ट सिटीजन्स पार्टी ऑफ इंडिया (NCPI) में विलय कर लिया था। NCPI बंगाल में रजिस्टर्ड पार्टी है। त्रिपुरा से चुनावी शुरुआत की थी। 2023 में त्रिपुरा विधानसभा चुनाव में चार उम्मीदवार उतारे थे। चारों हार गए थे।
सूत्रों के अनुसार, टीएमसी के बागी गुट के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने शनिवार को पीएम मोदी से मुलाकात की।


