कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि RSS का मुख्य मकसद भारत को हिंदू राष्ट्र और हिंदुत्व के रूप में आगे बढ़ाना है और यह मूल विचारधारा आज भी नहीं बदली है।
थरूर ने ये बात मुंबई में शुक्रवार शाम को इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस (IIMUN) के कार्यक्रम में कही। उन्होंने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के इसी कार्यक्रम में दिए बयानों को अच्छा संकेत माना है। उन्होंने कहा, ‘मैं दस साल से संघ प्रमुख के बयानों को देख रहा हूं। अब उनमें बदलाव दिखता है।’
भागवत ने 6 जुलाई को Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक बातचीत की थी। भागवत ने कहा था, ‘जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार हैं। हमें उनकी बात समझनी चाहिए, उनसे बात नहीं हुई तभी तो जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ।’
राहुल गांधी ने CJP के आंदोलन से पहले 17 जून को राजस्थान के कोटा से ‘छात्रों की गूंज’ अभियान शुरू किया था, लेकिन इसे व्यापक जनसमर्थन नहीं मिला। इसके बाद यही समर्थन CJP के छात्र आंदोलन में दिखा।
राहुल अलग-अलग मुद्दों पर इंस्टाग्राम पोस्ट के जरिए युवाओं से जुड़ रहे हैं। CJP के प्रदर्शन के बाद पीएम मोदी ने भी पेपर लीक के नए कानून और अन्य मुद्दों पर रील बनाकर अपनी बात रखी।
NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में प्रदर्शनों के बाद इसे RSS का युवाओं के साथ सबसे अहम संवाद माना जा रहा है। जंतर-मंतर पर 36 दिन चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था
संघ प्रमुख मोहन भागवत ने इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस के कार्यक्रम में कहा था कि जेन-जी एंटी नेशनल नहीं हैं। हम लोग जब Gen-Z की उम्र में थे, तब बड़े जो कहते थे, हम मान लेते थे, सवाल नहीं करते थे।
उन्होंने कहा, ‘आज की Gen-Z सवाल करती है। उन्हें जवाब चाहिए और प्यार भी चाहिए। हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ।


