राहुल गांधी ने दिल्ली में 16 साल की नाबालिग से स्लीपर बस में गैंगरेप के मामले को लेकर केंद्र के साथ दिल्ली और उत्तर प्रदेश सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 47 किमी चलती बस में लड़की के साथ गैंगरेप हुआ, लेकिन पुलिस को इसकी जानकारी तक नहीं हुई। किसी को जवाबदारी लेनी होगी।
दरअसल, सोमवार को दिल्ली में नाबालिग से चलती स्लीपर बस में गैंगरेप का मामला सामने आया था। पुलिस के मुताबिक, घटना 4 अगस्त की है, जिसकी जानकारी पुलिस ने 31 अगस्त को दी। बस के ड्राइवर-कंडक्टर को अरेस्ट कर लिया गया है।
राहुल गांधी ने मंगलवार को X पर पोस्ट कर कहा, “दिल्ली महिलाओं के लिए असुरक्षित हो गई है। स्लीपर बस में हुई घटना की जानकारी दिल्ली और नोएडा पुलिस को भी नहीं हुई।
उन्होंने सवाल उठाया कि 2012 के निर्भया मामले के इतने साल बाद और महिलाओं के खिलाफ ऐसी कई घटनाओं के बावजूद स्लीपर बसों की जांच और निगरानी के नियमों का पालन क्यों नहीं हो रहा है।
बस में लगे पर्दे सिर्फ उस घटना को छिपाने का जरिया नहीं थे, बल्कि ये सरकार की प्रशासनिक नाकामियों पर सालों से पड़े पर्दे को भी दिखाते हैं।
राहुल गांधी ने केंद्र और राज्य सरकारों से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने सवाल किया कि आखिर कितनी महिलाओं और लड़कियों को ऐसी घटनाएं झेलनी पड़ेंगी, तब जाकर केंद्र और राज्य सरकारें व्यवस्था में सुधार करेंगी।
पुलिस के मुताबिक पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक पर बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे।
पुलिस ने बस ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की गिरफ्तारी कब हुई, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। पीड़ित उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है और 11वीं की छात्रा है।
पीड़ित की शिकायत के अनुसार, जांचकर्ताओं ने कोतवाली एसीपी शंकर बनर्जी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। टीम ने बस की पहचान और उसके रूट को ट्रैक करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच की।
पुलिस ने ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप को तिमारपुर की एक बस पार्किंग से गिरफ्तार किया। घटना में इस्तेमाल स्लीपर बस को भी जब्त किया गया। बस की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
यह ड्राइवर सीट पास वाली जगह है, जहां कुछ कपड़े और सामान बिखरा हुआ है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक घटना वाले दिन बस में खराबी आने के बाद आरोपी उसे मरम्मत के लिए सूरजपुर (नोएडा) की एक वर्कशॉप में ले गए थे।
मरम्मत पूरी होने के बाद ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, तभी परी चौक पर छात्रा ने रुकने का इशारा किया।
पुलिस ने बताया कि दोनों ने बस के पर्दे वाले अंदरूनी हिस्से का इस्तेमाल देर रात सफर के दौरान अपराध छिपाने के लिए किया। इससे बाहर से गुजर रहे लोग अंदर नहीं देख सके।


