फरीदाबाद। ऑल इंडिया फेडरेशन के आह्वान पर सैकड़ों आशा,आंगनवाड़ी व मिड डे मील वर्करों ने मंगलवार को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के सेक्टर-28 स्थित कार्यालय पर जोरदार आक्रोश प्रदर्शन किया। तीनों स्कीम वर्कर्स सुबह सवेरे से ही बडख़ल चौक पर एकत्रित होना शुरू हो गई थी और दोपहर को वहां एकत्रित वर्करों को केंद्रीय राज्य मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर के कार्यालय के लिए मार्च किया। इस दौरान वर्करों ने जोरदार नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश जाहिर किया और मंत्री के नाम उनके निजी सचिव को ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शन का नेतृत्व आशा वर्कर यूनियन की प्रधान हेमलता, आंगनवाड़ी वर्कर एवं हैल्पर्स यूनियन की प्रधान मालवती ने किया। प्रदर्शन में सीटू के जिला प्रधान निरंतर पाराशर भी मौजूद थे। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए आशा वर्कर यूनियन की राज्य उप प्रधान एवं जिला सचिव सुधा ने कहा कि सरकार वर्करों पर काम का बोझ लगातार बढ़ा रही हैं और मानदेय के नाम पर नाम मात्र कि पैसे दिए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद देश में आने वाली नई पीढ़ी के कल्याण के लिए केंद्र सरकार द्वारा देश में कल्याणकारी योजनाएं शुरू की गई थी। ताकि देश में कुपोषण को खत्म किया जा सके। उन्होंने कहा कि कुपोषण को खत्म करने के लिए आईसीडीएस, मिड डे मील, की परियोजना शुरू की गई। जनता तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं विशेष कर महिलाओं और बच्चों तक पहुंचाने के लिए एनएचएम की स्कीम को 2006 में शुरू किया गया। इन तीनों स्कीम वर्कर्स में पूरे देश में लगभग एक करोड़ महिलाएं काम करती हैं ,जिनको कुछ प्रोत्साहन राशियां केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा दी जाती है जो आज की महंगाई के हिसाब से और परियोजना वर्कर्स की मेहनत के हिसाब से उचित नहीं है। इन तीनों स्कीम वर्कर्स के शुरू होने के बाद देश में कुपोषण और स्वास्थ्य सुविधाओं के आंकड़े में बेहतर सुधार हुआ है इन तीनों स्कीम को चलाए रखने के लिए केंद्र सरकार को बजट में बढ़ोतरी करनी चाहिए परंतु लंबे समय से केंद्र सरकार इन स्कीम का बजट कट रही है जो कि आम जनता तक पहुंचने वाली सेवाओं को प्रभावित कर रहा है। केंद्र सरकार द्वारा तुरंत बजट बढ़ाया जाए। प्रदर्शन में कमलेश व सुशीला चौधरी आदि मौजूद थे।


