राहुल ने सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने से पहले 30 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसी में एक पत्रकार ने उनसे सवाल किया कि लोग चुनाव आयोग की बात करते हैं, आप सीधा ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाते हैं। क्या कभी उन्होंने आप से बात करने की कोशिश की।
राहुल ने कहा- दिल्ली को जेल बना दिया गया है। ये पुलिस वाले डिस्टर्ब हैं। ये कह रहे हैं कि हमसे युवाओं को क्यों पिटवाया जा रहा है। वे कह रहे हैं कि युवाओं को रोकने को कहा जा रहा है। RSS के गुंडे महिलाओं को मार रहे हैं। एक तरफ हमसे कहा जा रहा है कि पैलेट गन चलाइए।
राहुल ने कहा कि एक दिन हमें पुलिस ने रोका, जंतर-मंतर पर पुलिस ने रोका, आज भी रोकेंगे। आपको लगता है कि क्या एक दिन की बात है। ये मत सोचिए कि 5 दिन पहले शुरू हुआ था। सालों से हमें रोका जा रहा है, अब दिख रहा है।
उन्होंने कहा कि आप सोच रहे हो कि हमारे लिए मुश्किल है। पुलिस हमें मार रही है। जितना आप थक रहे हो, उतना पुलिस थक रही है। पुलिस कह रही है कि हम ज्ञानेश कुमार को क्यों बचा रहे हैं। पेशेंस और पर्सीवरेंस, लगे रहना है। हम करेंगे, वे रोकेंगे, हमें लगे रहना है। जितने दिन लगेंगे, एक महीने, दो महीने, साल…हम पीछे नहीं हटेंगे।
राहुल ने कहा- ये हिंदुस्तान की जनता की इन्पॉर्टेंस हैं। देश के हर युवा से कह रहा हूं कि ये आपके फ्यूचर, आपकी इज्जत की लड़ाई है। अगर आप नहीं आ सकते तो शाम को जब सुप्रीम कोर्ट के सामने होंगे, तब हमें सॉलिडेरिटी दिखाइए। जिस भी तरीके से ये कर सकते हैं, अपना एक्सप्रेशन करिए। बताइए कि जो हो रहा है, हम उसके खिलाफ हैं। हम ये नहीं होने देंगे।
राहुल गांधी ने 40 मिनट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा था कि विपक्ष का मार्च शिवजी की बारात की तरह है, इसमें कोई भी शामिल हो सकता है। रविवार को विपक्षी सांसदों ने चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत को पत्र लिखा था और ज्ञापन सौंपने के लिए समय मांगा था।


