केंद्र सरकार ने बुधवार को कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। इनमें यौन शोषण-रेप केसों के जल्द निपटारे के लिए 850 फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने को मंजूरी दी गई है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि बिजली स्टोर करने के लिए कैबिनेट ने 92 गीगावाट-घंटे (GWh) क्षमता वाली ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी योजना के लिए 14,500 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी है।
इसके अलावा डेटा कलेक्शन सिस्टम को अपग्रेड करने के लिए 4,371 करोड़ रुपए की योजना को मंजूरी दी गई है। साथ ही क्रिटिकल खनिजों की प्रोसेसिंग के लिए भी एक योजना स्वीकृत की गई है।
अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 92 GWh ग्रिड स्केल एनर्जी स्टोरेज कैपेसिटी योजना को मंजूरी देने का उद्देश्य बिजली को बड़े पैमाने पर स्टोर करना है, ताकि जरूरत के समय उसका इस्तेमाल किया जा सके। इससे सौर और अन्य नवीकरणीय ऊर्जा का बेहतर उपयोग हो सकेगा।
उन्होंने आगे कहा- एनर्जी स्टोरेज से बिजली ट्रांसमिशन लाइनों की क्षमता का भी बेहतर इस्तेमाल होगा। उदाहरण के तौर पर, अगर किसी सौर ऊर्जा संयंत्र के लिए 10 मेगावाट की ट्रांसमिशन क्षमता बनाई गई है, तो रात में सौर बिजली नहीं बनने के कारण उसका पूरा उपयोग नहीं हो पाता। लेकिन स्टोरेज की सुविधा होने पर दिन में जमा की गई बिजली बाद में उपयोग की जा सकती है।
वैष्णव ने कहा- कैबिनेट ने महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की प्रोसेसिंग की योजना को मंजूरी दी है। इसका मकसद खदानों से निकाले गए या कच्चे खनिजों को इस तरह तैयार करना है कि उनका इस्तेमाल सीधे उत्पादन प्रक्रिया में किया जा सके।
उन्होंने बताया कि यह योजना पहचान किए गए सभी 24 महत्वपूर्ण खनिजों पर लागू होगी। इसमें खदानों से मिलने वाले खनिजों के साथ-साथ रीसाइक्लिंग से प्राप्त खनिज भी शामिल हैं।
वैष्णव ने कहा- कैबिनेट ने महत्वपूर्ण खनिजों (क्रिटिकल मिनरल्स) की प्रोसेसिंग की योजना को मंजूरी दी है। इसका मकसद खदानों से निकाले गए या कच्चे खनिजों को इस तरह तैयार करना है कि उनका इस्तेमाल सीधे उत्पादन प्रक्रिया में किया जा सके।
उन्होंने बताया कि यह योजना पहचान किए गए सभी 24 महत्वपूर्ण खनिजों पर लागू होगी। इसमें खदानों से मिलने वाले खनिजों के साथ-साथ रीसाइक्लिंग से प्राप्त खनिज भी शामिल हैं।
कैबिनेट ने देश के डेटा कलेक्शन सिस्टम को आधुनिक बनाने के लिए 4,371 करोड़ रुपए की योजना को भी मंजूरी दी है। इसका उद्देश्य सरकारी आंकड़े जुटाने और उनकी जांच करने की प्रक्रिया को बेहतर बनाना है। इस योजना के तहत सर्वेक्षण के तरीकों में सुधार किया जाएगा।
आंकड़े जुटाने में होने वाली गलतियों को कम किया जाएगा। यूनिवर्सिटीज में डेटा कलेक्शन से जुड़े कोर्स शुरू किए जाएंगे। डेटा को नियमित रूप से जुटाने और उनकी समय-समय पर समीक्षा करने पर जोर दिया जाएगा।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इस योजना का मकसद देश के डेटा कलेक्शन सिस्टम को बेहतर बनाना है, ताकि सरकार को नीतियां बनाने के लिए अधिक भरोसेमंद आंकड़े मिल सकें।


