भारत-पाकिस्तान के रिश्तों को सुधारने के लिए दोनों देशों की 117 हस्तियों ने पीएम मोदी और पाक पीएम शहबाज शरीफ को चिट्ठी लिखी है। इसमें कहा गया है कि टकराव नहीं, बातचीत का रास्ता चुनिए, ताकि दक्षिण एशिया में शांति और विकास का माहौल बन सके।
इन 117 हस्तियों में पूर्व अधिकारी, सामाजिक और राजनीतिक हस्तियां शामिल हैं। भारत की ओर से जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती और आरजेडी सांसद मनोज झा समेत 61 लोगों और पाकिस्तान की ओर से पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी समेत 56 लोगों ने चिट्ठी पर साइन किए हैं।
यह पहल ऐसे समय में की गई है जब हाल के महीनों में भारत और पाकिस्तान के संबंधों में तनाव बना हुआ है। इनका कहना है कि लगातार बढ़ती शत्रुता से दोनों देशों के विकास, क्षेत्रीय स्थिरता और आम नागरिकों के हित प्रभावित हो रहे हैं।
जम्मू-कश्मीर भाजपा के नेता रविंदर रैना ने भारत-पाकिस्तान वार्ता की मांग को लेकर लिखे गए लेटर पर प्रतिक्रिया दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को किसी लेटर की जरूरत नहीं है। भारत हमेशा अपने पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध चाहता है, लेकिन आतंकवाद और बातचीत साथ-साथ नहीं चल सकते।
रैना ने कहा, ‘पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी बस से लाहौर गए थे, लेकिन उसके बाद कारगिल में घुसपैठ हुई और फिर संसद पर आतंकी हमला हुआ। 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री शामिल हुए थे और बाद में मोदी खुद भी लाहौर गए थे। उन्होंने सवाल उठाया कि जो लोग भारत-पाकिस्तान वार्ता के लिए लेटर लिख रहे हैं, क्या वे इस बात की गारंटी दे सकते हैं कि पाकिस्तान भविष्य में कोई दुस्साहस या आतंकी कार्रवाई नहीं करेगा।


