देश के कई राज्यों में लगातार बारिश जारी है। मध्य प्रदेश के कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। नर्मदा, मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश में भी लगातार बारिश से नदियां उफान पर हैं। 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात हैं। गंगा, घाघरा, शारदा, टोंस, सोन और मंदाकिनी नदी खतरे के निशान को पार कर गई हैं।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून के दौरान बारिश, लैंडस्लाइड, बाढ़ और अन्य घटनाओं में 219 लोगों की मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा 131 मौतें सड़क दुर्घटनाओं में हुईं।
राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से ज्यादातर इलाकों में बारिश नहीं होने के कारण गुरुवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा। यहां तापमान 40.1 डिग्री सेल्सियस से अधिक दर्ज किया गया।
हिमाचल प्रदेश में बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने शनिवार के लिए चार जिलों में मध्यम बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। साथ ही प्रदेश में 27 अगस्त तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान जताया गया है। बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के मुताबिक, शुक्रवार सुबह तक प्रदेश में 128 सड़कें यातायात के लिए बंद थीं। मंडी में सबसे ज्यादा 52 सड़कें बंद हैं। इसके बाद कुल्लू में 43, चंबा में 9, कांगड़ा और सिरमौर में 6-6, शिमला और ऊना में 5-5 तथा लाहौल-स्पीति में 2 सड़कें बंद हैं।
छत्तीसगढ़ में आज भी बारिश का अलर्ट है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर और मध्य छत्तीसगढ़ में कुछ जगहों पर मध्यम से भारी बारिश हो सकती है।उत्तराखंड में पिछले पांच दिनों से बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। मौसम विभाग ने आज भी देहरादून, टिहरी, बागेश्वर, नैनीताल और पिथौरागढ़ में यलो अलर्ट जारी कर कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना जताई है।मानसून की सुस्ती झेल रहे हरियाणावासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग चंडीगढ़ के अनुसार, प्रदेश में 21 अगस्त की रात से मानसूनी हवाएं एक बार फिर जोर पकड़ने वाली हैं। उत्तरी हरियाणा के ऊपर एक नया साइक्लोनिक सर्कुलेशन आकार ले रहा है।


