तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) और कांग्रेस पार्टी में बुधवार को सीट बंटवारे पर मुहर लग गई। DMK ने कांग्रेस को 28 सीट दी हैं। इसके अलावा पार्टी को एक राज्यसभा सीट भी दी गई है।
पार्टी नेताओं के अनुसार यह फैसला DMK अध्यक्ष और तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एम के स्टालिन और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई के बीच हुई बैठक में लिया गया।
राज्य में विधानसभा की 234 सीटें हैं। 2021 के चुनाव में DMK ने 133 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 18 सीटें मिली थीं। DMK के नेतृत्व वाले सेक्युलर प्रोग्रेसिव अलायंस ने कुल मिलाकर 159 सीटों पर जीत हासिल की थी।
दूसरी ओर NDA को 75 सीटें मिली थीं, जिसमें AIADMK 66 सीटों के साथ गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी रही थी।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस और डीएमके के बीच 2004 से चले आ रहा गठबंधन टूटने की कगार पर पहुंच गया था, लेकिन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने मंगलवार को स्टालिन से मुलाकात की और लंबी बातचीत के बाद बात बन गई।
कांग्रेस ने सीटों की संख्या बढ़ाने पर जोर दिया था। जब बात नहीं बनी तो चिदंबरम को बातचीत के लिए भेजा गया। बताया जा रहा है कि स्टालिन कांग्रेस को 25 सीटें ही देना चाहते थे, लेकिन चिदंबरम की स्टालिन से मुलाकात के बाद 28 सीटों तक सहमति बनी।
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व AIADMK नेता ओ पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने शुक्रवार को DMK का दामन थाम लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की मौजूदगी में पार्टी जॉइन की।


