पश्चिम बंगाल के कोलकाता में पीएम मोदी की रैली से पहले भाजपा और टीएमसी कार्यकर्ताओं में विवाद हुआ है। गिरीश पार्क एरिया में दोनों ग्रुप ने एक-दूसरे पर पत्थरबाजी की। पुलिस ने भीड़ को खदेड़ा।
पश्चिम बंगाल में उद्योग, वाणिज्य और उद्यम मंत्री शशि पंजा ने आरोप लगाया कि झड़प के दौरान मुझ पर ईंट मारी गई। भाजपा गुंडा नहीं है, हत्यारी है। मंत्री पंजा का यहीं पर घर है।
कोलकाता में अपने संबोधन कि दौरान पीएम ने कहा कि जंगलराज वालों का काउंटडाउन शुरू हो गया है। ये निर्मम वाली सरकार का अंत करीब आ गया है।
पीएम ने कहा कि पहले कांग्रेस, फिर कम्यूनिस्ट अब टीएमसी, ये लोग एक के बाद एक आते रहे और अपनी जेब भरते रहे। मोदी ने कहा कि अब समय आ गया है ये हालात बदले, बंगाल के युवाओं को बंगाल में काम मिले, नौजवान बंगाल के विकास का नेतृत्व करे।
भाजपा बंगाल को महान बनाने के लिए काम करेगी। सही नीतियों और नीयत से राज्य में विकास होगा और किसानों, युवाओं, व्यापारियों और छात्रों को फायदा मिलेगा।
राज्य की मौजूदा सरकार केंद्र की योजनाओं को लोगों तक नहीं पहुंचने देती और कटमनी के कारण गरीबों को उनका हक नहीं मिल पाता।
बंगाल में युवाओं को न अच्छी शिक्षा मिल रही है और न रोजगार। किसान भी परेशान हैं और कई लोगों को काम के लिए दूसरे राज्यों में पलायन करना पड़ रहा है।
राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और महिलाओं के खिलाफ घटनाएं चिंता का विषय हैं। भाजपा सरकार आने पर अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
पहले कांग्रेस, फिर वामपंथ और अब टीएमसी ने राज्य पर शासन किया, लेकिन अब बदलाव का समय आ गया है। भाजपा सरकार बनने पर सबका साथ, सबका विकास होगा और सबका हिसाब किया जाएगा।
पीएम ने कहा कि पूरे बंगाल में एक ही चर्चा है कि बदलाव चाहिए, जब-जब इस भूमि पर चुनौती आई तब तब यहां के लोगों ने सामना किया है। कुछ लोग आपको डराने की कोशिश करेंगे, लेकिन जब जनता ठान लेती है तो कोई भी ताकत उसे रोक नहीं सकती। इस बार चुनाव सिर्फ सरकार बदलने का नहीं बंगाल की आत्मा को बचाने का है। आने वाले परिवर्तन के लिए शुभकामनाएं देता हूं।
पीएम ने कहा कि टीएमसी सरकार ने सभी सीमाएं लांघ दी हैं। कुछ दिन पहले राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू बंगाल आईं। उन्हें एक कार्यक्रम में शामिल होना था, लेकिन इस सरकार ने उनका विरोध किया, क्योंकि एक आदिवासी बेटी इतने बड़े पद पर हैं, इन्हें उनका सम्मान मंजूर नहीं थी।
उन्होंने कहा कि मुर्मू जी को दुखी मन से अपनी तकलीफ बतानी पड़ी। टीएमसी ने केवल मुर्मू जी का अपमान नहीं किया, बल्कि महिलाओं का अपमान किया है। पिछले कुछ महीनों में चुनाव आयोग, जब भी मतदाता शुद्धी की कोशिश करता है, टीएमसी उनपर हमला करने लगती है।
उन्होंने कहा कि ऐसा ही व्यवहार सेना को लेकर भी है। 2019 में बालाकोट में वायुसेना की कार्रवाई पर सवाल उठाए। राष्ट्रीय एजेंसिया जब इनके अपराधों की जांच करती तो ये उन्हें भी रोकते हैं। ये दिल्ली तक यही अराजकता फैलाने की कोशिश करते हैं
संसद में कागज फाड़ते हैं, संसद को रोका जाता है।


