ऑपरेशन सिंदूर के एक साल पूरे होने पर भारतीय सैन्य बलों की समीक्षा में कई अहम खुलासे हुए हैं। पाकिस्तान, चीन और तुर्किये की तिकड़ी ने चार मंसूबों से 7 और 8 मई की रात को 900 ड्रोन दागे थे। कश्मीर में LOC से लेकर गुजरात में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर कुछ घंटों में स्वॉर्म ड्रोन दागे गए थे।
पाक के स्वॉर्म ड्रोन को भारतीय वायुसेना के एयर कमांड और कंट्रोल सिस्टम ने तबाह कर दिया। पाकिस्तान भारत के एक भी अहम सैन्य बेस को नुकसान पहुंचाने में सफल नहीं हो पाया।
पाकिस्तान ने यूक्रेन-रूस युद्ध में इस्तेमाल किए गए स्वॉर्म ड्रोन अटैक को कॉपी किया था। बता दें कि यह रणनीति अक्सर नाटो देशों की तरफ से एडवांस वॉर में अपनाई जाती है।
दिल्ली पुलिस ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े होने का दावा करते हुए एमपी के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि ये लोग दिल्ली का ऐतिहासिक मंदिर, दिल्ली-सोनीपत हाईवे स्थित एक ढाबा और हरियाणा का सैन्य कैंप उड़ाने वाले थे।
इनकी पहचान टीकमगढ़, नेगुवां (पृथ्वीपुर थाना) निवासी अनमोल राय (24), ग्वालियर, डबरा निवासी राजवीर (21) और विवेक बंजारा (19) के रूप में की गई है। तीनों को दिल्ली पुलिस ने उनके गांव से गिरफ्तार किया और अपने साथ ले गई।
आरोपियों के फोन से कई संदिग्ध ई-मेल मिले
एसीपी स्पेशल सेल दिल्ली पीएस कुशवाहा के मुताबिक, तीनों ही आरोपी गरीब परिवारों से ताल्लुक रखते हैं। तीनों के मोबाइल के ऑडियो, वीडियो कॉल से संदिग्ध नंबरों पर बात किए जाने, सोशल मीडिया से खास स्थानों के तस्वीरें पाकिस्तान भेजे जाने की पुष्टि हुई है।
आरोपियों के मोबाइल से कई संदिग्ध ई-मेल भी मिले हैं। पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपियों को आतंकी साजिश में जोड़ने के एवज में क्या मिला था। तीनों की गिरफ्तारी शुक्रवार को हुई। तीनों दिल्ली में मजदूरी कर चुके हैं।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने ‘गैंग बस्ट ऑपरेशन 2.0’ के तहत विभिन्न राज्यों से शाहजाद भट्टी मॉड्यूल से जुड़े 9 संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया था। इनसे पूछताछ में जांच एजेंसियों को पता चला कि आरोपियों में से एक ने दिल्ली के एक ऐतिहासिक मंदिर की रेकी की थी।
परिसर की तस्वीरें सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स को भेजी थीं। मॉड्यूल की योजना मंदिर में तैनात पुलिस और अर्धसैनिक बलों को निशाना बनाने तथा फायरिंग कर दहशत फैलाने की थी।
आरोपियों को दिल्ली-सोनीपत हाईवे पर स्थित एक प्रसिद्ध ढाबे पर ग्रेनेड से हमला करने का भी टास्क दिया गया था। यह ढाबा प्रतिदिन हजारों लोगों की आवाजाही वाला स्थान माना जाता है। जांच एजेंसियों का मानना है कि हमले का मकसद बड़े पैमाने पर नुकसान और जनहानि करना था।


