गुजरात में नर्मदा जिले की एक कोर्ट ने आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक चैतर वसावा, उनकी पत्नी और 7 अन्य को 7-7 साल जेल की सजा सुनाई है। इन पर वन-विभाग के अधिकारियों से मारपीट और वसूली का आरोप था।
सजा के अलावा विधायक की पत्नी और अन्य पर 96 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। कुल 9 आरोपियों में 4 महिलाएं शामिल हैं।
मामला 30 अक्टूबर 2023 का है। आरोप है कि वन विभाग के अधिकारियों ने जंगल की जमीन पर हुए अतिक्रमण हटा दिए थे। इस पर वसावा ने पांच अधिकारियों को अपने घर बुलाया था।
प्राथमिकी के मुताबिक, चैतर वसावा और उनके साथियों ने अधिकारियों के साथ मारपीट की और उनसे प्रभावित ग्रामीणों को मुआवजा देने के नाम पर वसूली की थी।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, चैतर वसावा ने इस दौरान हवाई फायरिंग भी की थी। आरोप है कि जिस हथियार का इस्तेमाल किया गया, उसके लिए उनके पास वैध लाइसेंस नहीं था। इसके चलते उन पर आर्म्स एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया गया था।
इस घटना के अगले ही दिन, चैतर वासावा के पीए और अन्य लोगों ने दो अधिकारियों से 30-30 हजार रुपए की फिरौती मांगी थी। चूंकि वन कर्मचारियों के पास पैसे नहीं थे। इसलिए उन्होंने अपने वरिष्ठ अधिकारी को बुलाया और दो अधिकारियों ने 60 हजार रुपए ऑनलाइन पीए और अन्य आरोपियों के खातों में ट्रांसफर किए थे। कोर्ट में इसे सबूत के तौर पर पेश किया गया था।
इस मामले में चैतर वसावा के अलावा उनकी पत्नी शकुंतला वसावा, निजी सहायक (PA) जितेंद्र वसावा और 6 ग्रामीणों को आरोपी बनाया गया था। शकुंतला वसावा उस समय नर्मदा जिला पंचायत की सदस्य थीं। घटना के बाद कुछ आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था।
हालांकि, चैतर वसावा कई दिनों तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहे। उन्होंने 14 दिसंबर 2023 को सरेंडर किया था। बाद में 2024 के लोकसभा चुनाव में भरूच सीट से उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।


