प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमवार को गुजरात के सोमनाथ मंदिर में प्राण-प्रतिष्ठा के 75 साल पूरे होने के मौके पर कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने कहा- आज का दिन एक और वजह से भी खास है। आज के ही दिन 11 मई 1998 को देश ने पोकरण में परमाणु परीक्षण किया था। तब दुनिया भर की शक्तियां भारत को दबोचने मैदान में उतर गई थीं।
PM ने कहा- भारत के लिए सारे रास्ते बंद कर दिए गए थे। लेकिन हम डरे नहीं, डटे रहे। भारत ने पोकरण परमाणु परीक्षण को ऑपरेशन शक्ति नाम दिया था। क्योंकि शिव के साथ शक्ति आराधना ही हमारी परंपरा रही है। मैं भगवान सोमनाथ के चरणों में नमन करते हुए ऑपरेशन शक्ति की बधाई देता हूं।
11 मई 1998 को अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में भारत ने अपना दूसरा परमाणु परीक्षण किया था। यह काफी गोपनीय ऑपरेशन था। इसकी तैयारियां इतनी गुप्त थीं कि विदेशी खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
इन परीक्षणों के जरिए भारत ने दुनिया को अपनी रणनीतिक और वैज्ञानिक ताकत दिखाई। लेकिन परमाणु परीक्षणों के बाद अमेरिका, जापान और कुछ पश्चिमी देशों ने भारत पर कई आर्थिक और तकनीकी प्रतिबंध लगाए थे।


