पीएम मोदी की पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर 13 राज्यों में दिख रहा है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस गुरुवार को MLC शपथ ग्रहण समारोह के लिए बाइक से विधान भवन पहुंचे।
वहीं दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता ने पेट्रोल-डीजल की बचत के लिए नए आदेश जारी किए। अब दिल्ली में सरकारी कर्मचारी हफ्ते में 2 दिन ‘वर्क फ्रॉम होम’ करेंगे। 50% सरकारी बैठकें ऑनलाइन होंगी और कोई भी मंत्री 1 साल तक विदेशी दौरे पर नहीं जाएगा।
त्रिपुरा में ग्रुप C और D के सिर्फ 50% सरकारी कर्मचारी ही रोज ऑफिस आएंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे।
पंजाब में गवर्नर ऑफिस में हर बुधवार को अधिकारी चार-पहिया वाहन से नहीं आएंगे। हरियाणा में सीएम नायब सिंह सैनी हफ्ते में एक दिन बिना गाड़ी के चलेंगे।
पीएम मोदी भी बुधवार को काफिला छोड़ सिर्फ 2 गाड़ियों के साथ निकले। वहीं गृह मंत्री अमित शाह के काफिले में 4 गाड़ियां नजर आई थीं।
अरुणाचल प्रदेश सरकार ने खर्च कम करने के लिए अगले एक साल तक मंत्रियों और सरकारी अधिकारियों की विदेश यात्राओं पर पूरी तरह रोक लगा दी है। इसके अलावा मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और अन्य मंत्रियों के काफिले में वाहनों की संख्या 50% तक घटाने का आदेश दिया है।
सरकार ने सरकारी बैठकों के लिए “वर्चुअल फर्स्ट” पॉलिसी भी लागू की है। अब जरूरी सरकारी यात्राओं के लिए कम से कम 15 दिन पहले टिकट बुक कराना जरूरी होगा, जबकि एलटीसी (भारत सरकार का अपने कर्मचारियों को दिया जाने वाला खर्च) यात्राओं की योजना 45 दिन पहले बनानी होगी।
त्रिपुरा सरकार ने खर्च और पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। अब सरकारी दफ्तरों में ग्रुप C और D के सिर्फ 50% कर्मचारी ही रोज ऑफिस आएंगे, बाकी कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। सरकार ने सभी विभागों को कर्मचारियों की साप्ताहिक ड्यूटी रोस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं। जरूरी और इमरजेंसी सेवाओं वाले कर्मचारियों पर यह नियम लागू नहीं होगा।
हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पेट्रोल-डीजल बचाने के लिए अपने सरकारी काफिले में गाड़ियों की संख्या कम करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि अब उनके काफिले में सिर्फ सुरक्षा के लिए जरूरी वाहन ही शामिल होंगे। सीएम ने यह भी तय किया है कि वे हफ्ते में एक दिन कोई भी गाड़ी इस्तेमाल नहीं करेंगे।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू ने अपने काफिले में इस्तेमाल होने वाली गाड़ियों की संख्या 50% कम करने का फैसला लिया है। अब जिला दौरों के दौरान उनके साथ पहले से आधी गाड़ियां ही चलेंगी। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों, वीआईपी लोगों से भी सरकारी गाड़ियों का कम इस्तेमाल करने और जरूरत होने पर ही यात्रा करने की अपील की है।


