TMC में टूट के बीच ममता बनर्जी ने मंगलवार को सांसद कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का चीफ व्हिप नियुक्त किया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को लेटर लिखकर कहा कि इसे तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए।
TMC के लोकसभा में 28 सांसदों में से 20 ने एक दिन पहले बगावत के बाद ममता का साथ छोड़ दिया था। उन्होंने NDA सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है। इन लोगों ने सांसद काकोली घोष दस्तीदार को अपना चीफ व्हिप चुना था।
खुद काकोली घोष ने बागी सांसदों के साइन वाला लेटर लोकसभा स्पीकर को भेजा था। इसमें TMC से अलग हुए सांसदों के लिए अलग संसदीय ब्लॉक के रूप में सिटिंग मांगी थी।
चीफ व्हिप किसी राजनीतिक दल का सीनियर नेता होता है, जो संसद या विधानसभा में पार्टी के सांसदों/विधायकों के बीच अनुशासन बनाए रखने और पार्टी की रणनीति लागू कराने की जिम्मेदारी संभालता है। अगर कोई आदेश नहीं मानता है तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाती है।
काकोली ने सोमवार को कहा था कि वे अभी भी लोकसभा में पार्टी की मुख्य सचेतक (चीफ व्हिप) हैं। काकोली ने 27 मई को टीएमसी छोड़ दी है, लेकिन सांसद पद से इस्तीफा नहीं दिया था।
काकोली घोष ने कहा- मैं 1986 से ममता बनर्जी के साथ हूं। 2005 में मुझे पार्षद तक का चुनाव लड़वाया गया। मैं तो लड़ते-लड़ते यहां आई हूं। मेरा सिर कटेगा लेकिन झुकेगा नहीं। मैंने बहुत सह लिया।
तृणमूल कांग्रेस (TMC) में 28 साल के इतिहास में पहली बार औपचारिक तौर पर टूट सामने आई है। बुधवार को 58 बागी विधायकों ने पार्टी से निकाले गए विधायक ऋतब्रत बनर्जी को अपना नेता चुना। विधानसभा स्पीकर रथींद्र बोस को समर्थन पत्र दिया। इसमें मांग की गई कि ऋतब्रत को नेता विपक्ष घोषित किया जाए। स्पीकर ने मंजूरी दे दी।


