मानसून ने केरलम में दस्तक देने के 6 दिन में पूर्वोत्तर के सभी राज्यों को कवर कर लिया है। मंगलवार को यह मिजोरम, मेघालय, सिक्किम और पश्चिम बंगाल पहुंचा। अब तक 16 राज्यों में मानसून की एंट्री हो चुकी है।
गुजरात को छोड़कर बाकी सभी राज्यों में प्री-मानसून का असर है। बिहार में मंगलवार को 10 जिलों में आंधी के साथ बारिश हुई। बेगूसराह में एक ऑटो पर पोल गिर गया।
उत्तर प्रदेश के इटावा में तेज तूफान के साथ बारिश हुई। 100kmph की रफ्तार से आंधी भी चली। इस दौरान 100 से ज्यादा जगहों पर पेड़-पोल गिर गए।
महाराष्ट्र के नवी मुंबई में भारी बारिश के बाद लैंडस्लाइड होने से 5 कारें मलबे में दब गईं। पवने MIDC इलाके में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा ढहा था।
मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर भारत में 11 जून तक तापमान 2 से 4°C तक बढ़ सकता है। इसके बाद तापमान में 3 से 5°C की गिरावट आने की संभावना है। फिलहाल दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, पश्चिमी राजस्थान, उत्तर प्रदेश, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के कुछ इलाकों में हीटवेव की स्थिति बनी हुई है।
मध्य प्रदेश में अभी मानसून की एंट्री नहीं हुई है, लेकिन प्री-मानसून की बारिश जारी है। 1 से 9 जून तक प्रदेश में औसत 12.7mm से ज्यादा बारिश हो चुकी है। राज्य के 14 जिले ऐसे हैं, जहां पर जून में होने वाली बारिश 100% से 672% तक हो चुकी है।राजस्थान के श्रीगंगानगर में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन सबसे ज्यादा 46.4°C तापमान रहा। सोमवार को भी 46°C से ज्यादा रहा था। मौसम विभाग के मुताबिक, गुरुवार को अलवर-श्रीगंगानगर समेत 16 जिलों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। भरतपुर-कोटा में तेज बारिश का यलो अलर्ट है।


