दिल्ली के मालवीय नगर में फ्लोरिश स्टेज होटल अग्निकांड में बची एक बांग्लादेशी नागरिक ने मृतकों के शवों को बांग्लादेश भेजने के नाम पर पैसे वसूले जाने का आरोप लगाया है।
पीड़िता शमिया चौधरी ने कहा कि पहले सरकार की ओर से शवों को मुफ्त में स्वदेश भेजने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन बाद में दूतावास में 1.8 लाख रुपए जमा कराने को कहा गया।
ANI से बातचीत में शमिया ने कहा कि हमें बताया गया था कि शव को मुफ्त में बांग्लादेश भेजा जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। दूतावास में हमसे ₹1.80 लाख लिए गए। मैं जानना चाहती हूं कि जब मुफ्त भेजने का वादा किया गया था तो पैसे क्यों लिए गए।”
उधर, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मालवीय नगर अग्निकांड और साकेत के सईदुलाजाब भवन हादसे में जान गंवाने वालों को श्रद्धांजलि दी।
इस दौरान बचाव कार्य में शामिल नागरिकों, पुलिसकर्मियों और राहतकर्मियों को सम्मानित किया गया। लोगों की जान बचाने में मदद करने वाले रियाजुद्दीन मंसूरी को भी विशेष सम्मान दिया गया।
फ्लरिश स्टे होटल के पास B&B (बेड एंड ब्रेकफास्ट) के तौर पर सिर्फ 6 कमरों का लाइसेंस था। रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट के मुताबिक, पहली मंजिल पर 3 और दूसरी मंजिल पर 3 कमरे दर्ज थे। होटल सिल्वर कैटेगरी में रजिस्टर्ड था। हालांकि, पुलिस का कहना है कि इमारत में करीब 25 कमरे चलाए जा रहे थे।
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित ‘फ्लोरिस स्टे’ होटल अग्निकांड मामले में दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सिविल सोसायटी, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का आरोप है कि रसूखदार होटल मालिकों, दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और पुलिस अधिकारियों को बचाने के लिए होटल के 65 वर्षीय रसोइए केशव सिंह नेगी को ‘बलि का बकरा’ बनाया जा रहा है।


