मुंबई को जिस बारिश का कई हफ्तों से इंतजार था, वह आखिरकार रविवार सुबह पहुंच गई। शहर के कई इलाकों में सीजन की पहली अच्छी बारिश हुई। इससे लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली।
इस महीने की शुरुआत में मानसून दक्षिण कोंकण तक पहुंच गया था, लेकिन 8 जून से सोलापुर के पास रुका था। IMD ने कहा है कि 23 जून के आसपास दक्षिण-पश्चिम मानसून के महाराष्ट्र और इससे आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं।
मुंबई में हो रही बारिश की एक बड़ी वजह पश्चिमी घाट में बनने वाले बादल हैं। अरब सागर से आने वाली नम हवाएं जब पश्चिमी घाट की पहाड़ियों से टकराती हैं, तो ऊपर उठकर ठंडी हो जाती हैं और घने बादलों में बदल जाती हैं। बाद में ऊपरी हवाएं इन बादलों को मुंबई ले आती हैं।
देश के ज्यादातर हिस्सों में अभी प्री-मानसून एक्टिव है। इसके बावजूद 8 राज्यों में तापमान 40°C के पार है। उत्तर प्रदेश का बांदा एक बार फिर देश में सबसे गर्म रहा। यहां शनिवार को पारा 44.2°C रिकॉर्ड किया गया। दिल्ली में भी तापमान 40°C दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के मुताबिक, 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में आगे बढ़ सकता है। 21 से 26 जून के बीच मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में बारिश हो सकती है। सैटेलाइट तस्वीरों में भी अब बादलों का दायरा बढ़ता दिखाई दे रहा है।
यूपी-छत्तीसगढ़ बॉर्डर पर अटका मानसून 23 जून को आगे बढ़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक महाराष्ट्र, तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में मानसून को आगे बढ़ाने वाले सिस्टम एक्टिव हो गए हैं। मानसून 15 दिन में 19 राज्यों तक पहुंच चुका है। मानसून 9 दिनों से यूपी-बिहार बॉर्डर के पास महराजगंज के पास ठहरा हुआ है।
मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और तेलंगाना के कई शहरों में शनिवार को पारा 40°C से ज्यादा रहा। देश में सबसे ज्यादा पारा उत्तर प्रदेश के बांदा में 44.2°C दर्ज किया गया।
वहीं यूपी के प्रयागराज में 43.6°C, एमपी के खजुराहो 42.4°C, महाराष्ट्र के ब्रह्मपुरी में 42.1°C, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में 42°C, बिहार के छपरा में 41.8°C और झारखंड के डाल्टनगंज में 40°C रहा।


