सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दिल्ली-NCR में पिछले दिनों नाबालिगों से गैंगरेप के तीन मामलों पर पुलिस से जवाब मांगा है। इनमें ग्रेटर नोएडा-दिल्ली बस, आस्था कुंज पार्क और स्वरूप नगर के मामले शामिल हैं।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और के. विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि इन घटनाओं से 2012 के निर्भया कांड की याद आती है और सवाल उठता है कि क्या उस घटना से कोई सबक लिया गया।
2012 में दिल्ली में चलती बस में 23 साल की निर्भया के साथ गैंगरेप हुआ था। बाद में उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद देशभर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक जगहों को खराब रोशनी, निगरानी की कमी और पेट्रोलिंग की कमी जैसी वजहों से ‘हाई रिस्क जोन’ नहीं बनने दिया जा सकता। सिर्फ संवेदना जताना समाधान नहीं है, बल्कि अपराध रोकने की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों पर है, उनकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में नाबालिगों और महिलाओं के खिलाफ यौन हिंसा की घटनाओं पर दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा है।
आस्था कुंज पार्क की घटना का जिक्र करते हुए कोर्ट ने कहा कि LSR कॉलेज की छात्राओं ने पहले भी यौन उत्पीड़न की शिकायत की थी, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में जरूरी सुधार नहीं किए गए।
कोर्ट ने कहा कि हिंसा से मुक्त होकर सम्मान के साथ जीना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मौलिक अधिकार है।
NCRB के मुताबिक, 2024 में दिल्ली में POCSO के 1,553 केस दर्ज हुए। यानी औसतन हर दिन 4 से ज्यादा मामले सामने आए। 2025 की रिपोर्ट अभी जारी नहीं हुई है।
दिल्ली के वजीराबाद इलाके की एक होटल में नाबालिग से रेप का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी और पीड़ित दोनों वजीराबाद के रहने वाले हैं। आरोपी ने सोशल मीडिया पर लड़की से दोस्ती की और मंगलवार को उसे होटल में बुलाया।


