दिल्ली में कल विपक्षी दलों के I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक होगी। इसमें स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR और चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चर्चा होगी। समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव बैठक में शामिल नहीं होंगे। उनकी जगह पार्टी के दूसरे नेता पहुंचेंगे।
वहीं शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। पार्टी सांसद संजय राउत ने बताया कि पार्टी 2 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ होने वाले प्रदर्शन की तैयारी में व्यस्त है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में DMK और AAP का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं होगा।
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के बाद DMK और कांग्रेस के बीच मतभेद सामने आए थे। वहीं, दिल्ली विधानसभा चुनाव में एक-दूसरे के खिलाफ लड़ने पर कांग्रेस और AAP के बीच भी मतभेद बढ़ गए थे। AAP का कहना रहा है कि जहां कांग्रेस होगी, वहां वह शामिल नहीं होगी।
सपा ने बताया है कि अखिलेश यादव 30 सितंबर को लखनऊ में किसानों के सम्मेलन में शामिल होंगे। पार्टी के मुताबिक, अखिलेश की कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से इस बारे में बात भी हुई है।
वहीं कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी कहा कि अखिलेश पहले से तय कार्यक्रम के कारण बैठक में नहीं आ पाएंगे। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के नामांकन से जुड़ी व्यस्तता का जिक्र किया था।
INDIA ब्लॉक की बैठक में कांग्रेस की तरफ से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी शामिल हो सकते हैं। तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी और सांसद अभिषेक बनर्जी के भी आने की उम्मीद है।
इसके अलावा राजद की तरफ से तेजस्वी यादव, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और सीपीआई (एम) के महासचिव एमए बेबी के बैठक में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।
सीपीआई(एम) महासचिव बेबी ने केजरीवाल से मुलाकात के बाद कहा था कि कांग्रेस INDIA ब्लॉक की बैठक को लेकर पार्टियों के बीच समन्वय का काम देख रही है। मैंने अरविंद केजरीवाल को बैठक के लिए न्योता नहीं दिया है।
बेबी के मुताबिक, केजरीवाल ने कहा कि चुनाव आयोग के खिलाफ एक मजबूत अभियान चलाने की जरूरत है। केजरीवाल ने इस मुद्दे पर अपनी पार्टी के नेताओं से चर्चा करने की बात कही है। बेबी ने कहा कि उन्होंने INDIA ब्लॉक से बाहर की पार्टियों को भी पत्र लिखा है।
बैठक में SIR को लेकर चुनाव आयोग के भीतर सामने आए मतभेदों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर आगे की रणनीति पर भी बात हो सकती है।
कुछ रिपोर्टों के मुताबिक, बैठक में संसद में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने और विपक्षी दलों की संयुक्त कार्रवाई पर भी चर्चा हो सकती है।


