नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी (NIA) ने फ्लाईदुबई फ्लाइट में पायलट पर हुए हमले को लेकर FIR दर्ज की है। FIR एंटी-हाइजैकिंग एक्ट, 2016 की धारा 3 और UAPA की धाराओं के तहत दर्ज हुई है।
इन धाराओं के जरिए संभावित लोन-वुल्फ आतंकी मंशा, साजिश और कट्टरपंथी नेटवर्क की जांच होगी। NIA हमले के पीछे बड़ी साजिश की जांच करेगी।
इस फ्लाइट के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छर पर हमला हुआ था। दुबई से तेल अवीव जा रहे विमान में ओमानी पायलट ने कैप्टन पर अटैक किया और विमान को गिराने की कोशिश की।
जांच में यह भी देखा जाएगा कि क्या हमले का संबंध भारत पर संभावित हमले से था। एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि पूरी साजिश कैसे तैयार की गई।
न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक NIA यह पता लगाना चाहती है कि हमले के पीछे कोई बड़ी साजिश थी या नहीं। क्या इसमें दूसरे लोग भी शामिल थे।
अपराध भारत के बाहर हुआ हो, तब भी कुछ परिस्थितियों में NIA उसकी जांच कर सकती है। इसका प्रमुख आधार राष्ट्रीय जांच एजेंसी अधिनियम, 2008 की धारा 1(2) है। 2019 के संशोधन के बाद यह कानून भारत के बाहर हुए ऐसे अनुसूचित अपराधों पर भी लागू हो सकता है, जो भारतीय नागरिकों के खिलाफ किए गए हों या भारत के हितों को प्रभावित करते हों।
भारतीय पायलट स्मित मच्छर फिलहाल दुबई में हैं। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट में उनके सह-पायलट ने कॉकपिट के अंदर उन पर चाकू से हमला किया।
गंभीर चोटों के बावजूद स्मित मच्छर ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और क्रू मेंबर्स ने हस्तक्षेप किया। इससे बड़ी दुर्घटना टल गई।
हमले के बाद विमान को गिराने की कोशिश की गई थी। घटना के दौरान भारतीय पायलट ने स्थिति संभाली और विमान में सवार लोगों को बचाने में मदद की।
इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर को देश का सर्वोच्च नागरिक वीरता सम्मान स्टेट ऑफ इजराइल प्रेसिडेंशियल अवार्ड फॉर सिविलियन हीरोइज्म देने की घोषणा की है।
इसके अलावा भारत में केरलम में भारतीय डाक विभाग कैप्टन स्मित मच्छर के सम्मान में विशेष आवरण जारी करेगा।


