जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के जंगल से हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा बरामद हुआ है। पुलिस ने शनिवार को यह जानकारी दी।
सोपोर पुलिस से मिले खुफिया इनपुट के आधार पर उत्तरी कश्मीर के सोपोर इलाके में तलाशी अभियान चलाया गया। यह अभियान मुकाम चेहरहार के जंगल में चलाया गया।
तलाशी के दौरान बड़े पत्थर के नीचे छिपा नीले रंग का ड्रम और एक बैग मिला। संदिग्ध विस्फोटक की जांच और नष्ट करने के लिए बम निरोधक दस्ता बुलाया गया।
बरामद हथियारों में AK-47, AK-76, चार पिस्तौल, मल्टी-ग्रेनेड लॉन्चर, 11 हैंड ग्रेनेड और तीन IED शामिल हैं।
सोपोर पुलिस से मिले विशेष खुफिया इनपुट पर कॉर्डन एंड सर्च ऑपरेशन (CASO) शुरू किया गया था। पुलिस के अनुसार, बड़े पत्थर के नीचे एक नीला ड्रम और एक बैग छिपाकर रखा गया था।
बरामद सामान में दो असॉल्ट राइफलें शामिल हैं। इनमें एक AK-47 और एक AK-76 है। इनके साथ 7 मैगजीन और गोला-बारूद भी मिला है।
इसके अलावा चार पिस्तौल, चार मैगजीन और उनका गोला-बारूद बरामद हुआ। एक मल्टी-ग्रेनेड लॉन्चर (MGL) और उसके पांच राउंड भी मिले हैं।
पुलिस ने 11 हैंड ग्रेनेड, रिमोट कंट्रोल के साथ 3 IED, 8 डेटोनेटर और 2 टाइमर भी बरामद किए हैं। बम डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) ने इन्हें डिफ्यूज किया।
पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मौके से अन्य सामान भी बरामद हुआ है। इसमें एक Y-SMS सेट, प्राइमा कॉर्ड्स, तार, बैटरी सेल और IED से जुड़े कंपोनेंट्स शामिल हैं। इसके अलावा कई और सामान भी मिले हैं। बरामद सामग्री को जरूरी सुरक्षा सावधानियों के साथ कानूनी प्रक्रिया के तहत कब्जे में लिया गया।
पुलिस ने बताया कि इस मामले में पुलिस स्टेशन बोमई में FIR नंबर 66/2026 दर्ज की गई है। केस UAPA की धाराओं 13, 18, 20 और 23 के तहत दर्ज हुआ है। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 और एक्सप्लोसिव सब्सटेंसेज एक्ट की धारा 5 भी लगाई गई है।
पुलिस के अनुसार, बरामद सामग्री का स्रोत और मालिकाना हक पता करने के लिए जांच जारी है। इसे छिपाने वालों की पहचान और संभावित आतंकी कनेक्शन का भी पता लगाया जा रहा है।
पुलिस जांच कर ही है कि इतनी तादाद में हथियार-विस्फोटक कैसे छिपाए गए और किन लोगों ने इसमें मदद की।


