कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को छात्र आंदोलन की तर्ज पर एक और प्रदर्शन जल्द शुरू करने का ऐलान किया। उन्होंने इसे ‘जंतर-मंतर सीजन 2’ बताया।
दीपके ने आरोप लगाया, ‘हमने आज दिल्ली में अपने वॉलेंटियर्स की बैठक रखी थी। हम एक हॉल की तलाश कर रहे थे, लेकिन कोई भी हमें हॉल किराए पर देने को तैयार नहीं था। सभी लोग कहते रहे कि ऊपर से दबाव है।’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘ इन सब के पीछे BJP का हाथ है। इस तरह की कार्रवाई से हम पीछे नहीं हटेंगे।’
चीफ स्पोक्सपर्सन सौरव दास ने कहा, ‘ कॉकरोच जनता पार्टी अब देशभर में ‘लिसनिंग टूर’ शुरू करने जा रही है, ताकि लोगों की बात सुनी जा सके। पार्टी एक कैंपेन चलाएगी और स्वतंत्रता दिवस से शिक्षा के मुद्दे को प्राथमिकता देगी।’
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने 15 मई को एक मामले की सुनवाई के दौरान कहा- कुछ बेरोजगार युवा कॉकरोच जैसे होते हैं, जो बाद में मीडिया, सोशल मीडिया या RTI एक्टिविस्ट बनकर सिस्टम पर हमला करने लगते हैं।
16 मई को रात 12 बजे अभिजीत दीपके ने कॉकरोच जनता पार्टी नाम का सोशल मीडिया अकाउंट और वेबसाइट बनाई।
X पर एक गूगल फॉर्म जारी हुआ। इसमें ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ लिखी एक तस्वीर के साथ कैप्शन था- ‘सभी कॉकरोचों के लिए एक नया प्लेटफॉर्म शुरू किया जा रहा है। अगर आप जॉइन करना चाहते हैं, तो लिंक पर क्लिक करें।
17 से 20 मई तक कॉकरोच पार्टी के फॉलोअर्स लगातार बढ़े, लेकिन 21 मई को इसके अकाउंट बंद कर दिए गए। इसी दिन कॉकरोच इज बैक नाम से दूसरा अकाउंट बन गया। 22 मई को सबसे पहले धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा गया।
24 मई को वेबसाइट पर ऑनलाइन पिटीशन जारी की गई। इस पर प्रधान के इस्तीफे की मांग करने वाले 10 लाख लोगों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था।


