अभिजीत दीपके ने गुरुवार को बताया, ‘कॉकरोच जनता पार्टी सितंबर से क्या बोलती पब्लिक अभियान की शुरुआत करेगी। युवाओं को CJP से जुड़कर इस आंदोलन का हिस्सा बनना चाहिए।’
उन्होंने कहा, ‘धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा छात्र आंदोलन की सबसे बड़ी जीत है। जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में सिर्फ छात्र ही नहीं, बल्कि बेरोजगार युवा भी शामिल हुए थे। बेरोजगारी देश की सबसे बड़ी समस्या है और इसे अब देशव्यापी मुद्दा बनाया जाएगा।’
यह बात उन्होंने छत्रपति संभाजीनगर में अपने घर पर पार्टी की कोर कमेटी की बैठक के बाद कही।
प्रदर्शनकारी बोले- मुझे बैठक में भी नहीं बुलाया गया
प्रदर्शन करने वाले लड़कों ने अपनी पहचान अहमदाबाद निवासी मनीष ब्रह्मभट्ट और राहुल पंड्या के रूप में बताई। उन्होंने कहा कि वे पिछले महीने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन का हिस्सा थे। उनका कहना है कि CJP एक युवा आंदोलन है। इसे लोकतांत्रिक तरीके से चलना चाहिए। आंदोलन में शामिल लोगों को भी आगे की रणनीति तय करने में शामिल किया जाना चाहिए।
वहीं, दूसरे लड़के मनीष ने कहा कि जब CJP का आंदोलन शुरू हुआ था, तब उसका कोई चेहरा नहीं था। मैंने और कई अन्य स्वयंसेवकों ने जंतर-मंतर पर आंदोलन में योगदान दिया। मैं यहां CJP टीम से मिलने आया, लेकिन किसी ने मुलाकात नहीं की। मुझे बैठक के लिए भी नहीं बुलाया गया।
अभिजीत ने कहा था- पॉलिटिकल पार्टी नहीं बनाएंगे
बैठक के पहले दिन 5 अगस्त को दीपके ने साफ किया था कि पार्टी फिलहाल चुनावी राजनीति में नहीं उतरेगी। उन्होंने कहा था कि देश को इस समय किसी नए राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि एक मजबूत दबाव समूह (प्रेशर ग्रुप) की जरूरत है।
दीपके के मुताबिक, जंतर-मंतर आंदोलन की सफलता का कारण यह था कि अलग-अलग विचारधाराओं के लोग एक साझा मुद्दे पर साथ आए। उन्होंने बताया कि बैठक में जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा, ई-20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था, संगठन विस्तार और देशभर में आगे के आंदोलनों की रणनीति पर चर्चा की जा रही है।


