दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता खराब होने के बाद बुधवार को ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण की पाबंदियां लागू कर दी गईं।
इसके तहत रेस्टोरेंट के तंदूर में कोयले और लकड़ी के इस्तेमाल करने पर रोक रहेगी। डीजल जनरेटर का इस्तेमाल केवल इमरजेंसी या जरूरी परिस्थितियों में किया जा सकेगा।
वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) के मुताबिक, दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 20 अक्टूबर को 179 था, जो 21 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे बढ़कर 244 पहुंच गया। मौसम एजेंसियों ने आने वाले दिनों में भी AQI खराब श्रेणी में बने रहने का अनुमान जताया है।
हवा के प्रदूषण स्तर की जांच करने के लिए इसे 4 कैटेगरी में बांटा गया है। हर स्तर के लिए पैमाने और उपाय तय हैं। इसे ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) कहते हैं। इसकी 4 कैटेगरी के तहत सरकार पाबंदियां लगाती है और प्रदूषण कम करने के उपाय जारी करती है।
एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) एक तरह का टूल है, जो यह मापता है कि हवा कितनी साफ और स्वच्छ है। इसकी मदद से हम इस बात का भी अंदाजा लगा सकते हैं कि इसमें मौजूद एयर पॉल्यूटेंट्स से हमारी सेहत को क्या नुकसान हो सकते हैं।
AQI मुख्य रूप से 5 सामान्य एयर पॉल्यूटेंट्स के कॉन्सन्ट्रेशन को मापता है। इसमें ग्राउंड लेवल ओजोन, पार्टिकल पॉल्यूशन, कार्बन मोनोऑक्साइड, सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन डाइऑक्साइड शामिल हैं। आपने AQI को अपने मोबाइल फोन पर या खबरों में आमतौर पर 80, 102, 184, 250 इन संख्याओं में देखा होगा। इन अंकों का क्या मतलब होता है, ग्राफिक में देखिए।


