भारतीय शास्त्रीय नृत्य एवं संस्कृति को समर्पित ‘नृत्य संध्या’ में शहर के कला एवं संस्कृति प्रेमियों के साथ बड़ी संख्या में दर्शकों ने उपस्थित होकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया। प्रख्यात कथक नृत्यांगना पद्मश्री डाॅ0 शोवना नारायण ने बतौर मुख्य अतिथि सभी प्रस्तुतियों का अवलोकन करते हुए उन्हें अपना आशीर्वाद दिया। उन्होंने नृत्य संध्या की निर्देशक पुष्पा शर्मा को भारतीय शास्त्रीय नृत्य की परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया।
नेशनल पावर ट्रेनिंग इंस्टिट्यूट, फरीदाबाद में शनिवार शाम इस संध्या का आयोजन नृत्यनाद इंस्टिट्यूट आफ परफॉर्मिंग आर्ट्स ने फोर्थ वाल प्रोडक्शंस और कलर बाॅक्स प्रोडक्शन ने किया। इस कार्यक्रम की शुरूआत शिव स्तुति से हुई, जिसके बाद शिव वंदना, तीन ताल, धमार ताल, झपताल, चैताल, भाव अभिव्यक्ति, पंचम सावरी आदि प्रस्तुतियों के माध्यम से भारतीय नृत्य परंपरा, संगीत और संस्कृति की प्रस्तुति देते हुए लगभग 50 बालिकाओं ने दर्शकों को मत्रमुग्ध कर दिया कार्यक्रम में रिकाॅर्डेड संगीत के साथ ही लाइव संगीतकारों में पखावज, तबला, हार्मोनियम और सितार आदि वाद्यों पर पढंत और गायन ने अलग ही समां बांधा।
कार्यक्रम में आमंत्रित विशिष्ट अतिथियों में एनपीटीआई की मुख्य निदेशक डाॅ0 इंदु माहेश्वरी, दयानन्द काॅलेज की प्रिंसिपल डाॅ0 इंदु दुआ, समाजसेवी डाॅ0 अजय गर्ग, राजीव बनर्जी, अंजु मुंजाल, डाॅ0 हेमंत अत्री की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर शहर की कलाकार वंदना चौधरी को कला, संस्कृति एवं साहित्य के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान और सांस्कृतिक प्रतिबद्धता के लिए ऊषा किरण कला ज्योति सम्मान 2026 से नवाज़ा गया।अतिथियों ने प्रतिभागियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम युवा पीढ़ी को अपनी कला एवं सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कलर बाक्स प्रोडक्शन के निदेशक दीपक पुष्पदीप ने कहा कि भविष्य में विद्यार्थियों एवं युवाओं के लिए नाट्य एवं सांस्कृतिक गतिविधियों को और व्यापक रूप दिया जाएगा। ‘नृत्य संध्या’ ने संदेश दिया कि जब मंच, कलाकार और समाज एक साथ आते हैं, तो कला केवल प्रस्तुति नहीं रहती, बल्कि संस्कृति और नई पीढ़ी के बीच एक जीवंत सेतु बन जाती है।


