कांग्रेस ने शनिवार को बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य के बयान पर तंज कसा। कांग्रेस प्रवक्ता नेता पवन खेड़ा कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के लिए पद्म भूषण बहुत छोटी चीज है। उन्हें प्रधानमंत्री बना देना चाहिए। जो दूसरों को पीएम बना सकता है, उसे खुद पीएम बनना चाहिए।
दरअसल, समिक भट्टाचार्य ने एक दिन पहले कहा था कि ज्ञानेश कुमार ने बंगाल में हिंसा मुक्त विधानसभा चुनाव कराने और मतदाता सूची को साफ करने में अहम भूमिका निभाई। इस काम के लिए वह कम से कम पद्म भूषण के हकदार हैं।
समिक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को उत्तर 24 परगना के पानीहाटी में कहा कि पश्चिम बंगाल के लोगों ने लंबे समय बाद ऐसा चुनाव देखा, जिसमें डर का माहौल नहीं था। उनके मुताबिक, लोगों को वोट डालने का मौका मिला और चुनाव के दौरान हत्या की घटनाएं नहीं हुईं।
भट्टाचार्य ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में अहम पहल की। सीमा से लगे राज्य पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट से बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम हटाए गए। बंगाल की जनता ज्ञानेश कुमार के काम से खुश है।
इधर, ज्ञानेश कुमार को लेकर विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने फोन पर बात की। करीब तीन दशक में दोनों के बीच यह पहली सीधी बातचीत बताई जा रही है।
दरअसल, एमए बेबी ने 23 सितंबर को गैर-NDA दलों को लेटर लिखकर चुनाव आयोग और SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों की बैठक बुलाने की अपील की थी। इसमें DMK, TVK, BRS, BJD और AAP जैसे I.N.D.I.A. ब्लॉक से बाहर के दलों को भी शामिल किया गया था।
सूत्रों के मुताबिक, ममता ने पहले बेबी के लेटर का जवाब दिया और फिर उनसे फोन पर बात की। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई अपनी बातचीत का भी जिक्र किया और I.N.D.I.A. ब्लॉक की बैठक जल्द बुलाने की जरूरत बताई।
CPI(M) और TMC पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से एक-दूसरे के विरोधी रहे हैं। दोनों दल I.N.D.I.A. ब्लॉक में साथ हैं, लेकिन राज्य में राजनीतिक मतभेदों के कारण ममता और बेबी के बीच सीधे संपर्क से दोनों पक्ष बचते रहे हैं।
यह मामला चुनाव आयोग के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चल रहे विवाद के बीच सामने आया है। इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि दो चुनाव आयुक्तों ने पिछले 10 महीनों में चुनाव आयोग के फैसलों पर 14 बार आपत्ति जताई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं की गई।
कांग्रेस का आरोप है कि ज्ञानेश कुमार चुनाव आयोग में मनमानी कर रहे हैं और दो अन्य आयुक्तों की बात नहीं सुन रहे हैं। कांग्रेस ने ज्ञानेश कुमार को हटाने और उनकी गिरफ्तारी की मांग को लेकर शुक्रवार को देशभर में प्रदर्शन किया।
चुनाव से जुड़े कुछ आदेशों और कथित सॉफ्टवेयर बदलावों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दाखिल की गई है।


