फरीदाबाद। ऑल हरियाणा पावर कारपोरेशन (एएचपीसी) वर्कर यूनियन के बैनर तले खेड़ी कलां सब डिवीजन में हुई आम सभा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आए। यूनियन की सक्रियता से प्रभावित होकर, करीब 30 कर्मचारियों ने पुरानी यूनियन छोड़कर एएचपीसी वर्कर यूनियन का दामन थामा। राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा और राज्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी सहित अन्य पदाधिकारियों ने सभी नए सदस्यों का स्वागत किया।
यूनियन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष शब्बीर अहमद गनी ने घोषणा की कि लंबित मांगों की अनदेखी के विरोध में 26 नवंबर को एसीएस पावर के पंचकूला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार एचकेआरएन कर्मचारियों को नियमित करने की बजाय नौकरी से निकालने के तरीके तलाश रही है, और इंटर-यूटिलिटी ट्रांसफर की मांग को टाला जा रहा है।
इलेक्ट्रिसिटी एम्पलाइज फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईईएफआई) के उपाध्यक्ष सुभाष लांबा ने बताया कि केंद्र सरकार बिजली वितरण प्रणाली का निजीकरण करने की तैयारी में है, जिसके लिए बिजली (अमेंडमेंट) बिल 2025 बजट सत्र में लाया जाएगा। इसके विरोध में 30 जनवरी को बिजली कर्मचारी व इंजीनियर संसद पर प्रदर्शन करेंगे। उन्होंने कहा कि कर्मचारी पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग पर अडिग हैं। सर्कल सचिव कृष्ण कुमार और जिला प्रधान एसकेएस करतार सिंह ने एसई ऑपरेशन जितेन्द्र ढुल की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि एसई बार-बार आश्वासन देकर मांगों को टाल रहे हैं और आरटीआई एक्टिविस्ट से मिलकर कर्मचारियों के निजी दस्तावेज तक लीक कर रहे हैं। कर्मचारियों में एसई के खिलाफ भारी आक्रोश है, जिसके चलते 24 नवंबर के बाद सर्कल कार्यालय पर प्रदर्शन किया जाएगा।
About Us

QUICK LINKS
QUICK LINKS
- Disclaimer
- Terms & Conditions
- Privacy Policy

