अमेरिका-भारत फ्री ट्रेड डील के विरोध में पंजाब और हरियाणा के किसानों ने मंगलवार को प्रस्तावित दिल्ली कूच और किसान घाट महापंचायत फिलहाल स्थगित कर दी है। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की सख्ती तथा हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के साथ हुई बैठक के बाद किसान वापस लौट गए। कुरुक्षेत्र पुलिस ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया।
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश सचिव दिलबाग सिंह दिराजके ने बताया कि हिरासत में लिए गए किसान नेताओं की रिहाई और केंद्र सरकार से वार्ता कराने पर सहमति बनने के बाद धरना स्थगित करने का फैसला लिया गया।
हालांकि, कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संसद घेराव के मद्देनजर हरियाणा के पंजाब, दिल्ली और यूपी से लगे बॉर्डरों पर सुरक्षा व्यवस्था अभी भी कड़ी है। कई जिलों में किसान नेताओं और CJP समर्थकों को हाउस अरेस्ट या डिटेन किया गया।
अंबाला के शंभू बॉर्डर पर 27 जुलाई तक धारा 163 लागू कर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगा दी गई। वहीं, सुबह सोनीपत के कुंडली-सिंघु बॉर्डर पर करीब 4 किलोमीटर लंबा जाम लगा। जांच के बाद ही दिल्ली की ओर प्रवेश दिया जा रहा है।
भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के प्रवक्ता राकेश बैंस ने बताया- भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में देश बचाओ मोर्चा के आह्वान पर दिल्ली के किसान घाट में प्रस्तावित महापंचायत और जनसभा से पहले हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को मंगलवार को रिहा कर दिया गया।
राकेश बैंस ने कहा कि देश बचाओ मोर्चा ने किसानों के हितों के खिलाफ बताई जा रही प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में किसान घाट पर बड़ी जनसभा बुलाई थी। उनका आरोप है कि सरकार ने इस कार्यक्रम को रोकने के लिए एक दिन पहले ही कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस ने राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी, उन्हें और संगठन के कई अन्य पदाधिकारियों को हिरासत में ले लिया।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाने के लिए दमनकारी नीति अपना रही है, लेकिन किसान इससे पीछे हटने वाले नहीं हैं। यदि देश और किसानों के हितों के खिलाफ कोई नीति बनाई गई तो किसान और आम जनता उसका मजबूती से विरोध करेगी।
राकेश बैंस ने बताया कि हिरासत में लिए गए सभी किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया है। कृषि मंत्री की ओर से आश्वासन दिया गया है कि किसानों की मांग केंद्र सरकार तक पहुंचाई जाएगी और जल्द ही इस मुद्दे पर बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी को भी रिहा कर दिया गया है।
बैंस ने बताया कि पूरे आंदोलन की अगुवाई देश बचाओ मोर्चा कर रहा है। मोर्चे की कोर कमेटी में गुरनाम सिंह चढ़ूनी, स्वरण सिंह पंधेर समेत करीब 200 किसान और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यदि केंद्र सरकार के साथ बातचीत में कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है, तो कोर कमेटी की बैठक बुलाकर आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।


