उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही बारिश से 23 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वाराणसी और चित्रकूट सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। अब तक 16 हजार से अधिक लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से रेस्क्यू किया जा चुका है।
बिहार के 16 जिलों में बाढ़ से करीब 5 लाख लोग प्रभावित हैं। गंगा समेत 8 प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। पटना में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए पटना सुरक्षा दीवार के सभी 108 रास्तों को बंद कर दिया गया है, ताकि नालों के जरिए शहर में पानी न घुसे।
मध्य प्रदेश में मंदाकिनी और नर्मदा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। वहीं, छतरपुर, सतना, मंडला, मैहर समेत कई जिलों में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। छतरपुर के कुटनी और जबलपुर के बरगी बांध से पानी छोड़ा जा रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश में अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 266 लोगों की मौत हो चुकी है। इनमें 158 मौतें सड़क हादसों, 18 लैंडस्लाइड, 13 डूबने और एक मौत फ्लैश फ्लड के कारण हुई है। वहीं, अन्य मौतें अलग-अलग कारणों से हुई हैं।
पश्चिम बंगाल के न्यू फराबक्का में जमीन धंसने से 4 सितंबर को रवाना होने वाली 14 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। इनमें हावड़ा-गुवाहाटी साराईघाट एक्सप्रेस, सियालदह-बामनहाट उत्तरबंगा एक्सप्रेस, सियालदह-अलीपुरद्वार कंचनकन्या एक्सप्रेस, सियालदह-सहरसा हाटे बाजार एक्सप्रेस, दार्जिलिंग मेल, हावड़ा-कामाख्या वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस और हावड़ा-कटिहार एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले अपनी ट्रेन का स्टेटस जांचने की अपील की है।


