फरीदाबाद। मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की साइबर ठगी करने के मामले में साइबर थाना एनआईटी की टीम ने मास्टरमाइंड व कॉलर को गिरफ्तार किया है। आरोपितों की पहचान राजस्थान निवासी अशोक जैन, विक्रम व पुष्पेंद्र के रुप में हुई है। शनिवार को तीनों आरोपितों को अदालत में पेश किया गया, जहां से अशोक को तीन दिन के पुलिस रिमांड तथा विक्रम व पुष्पेंद्र को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया है। पुलिस प्रवक्ता अनुसार गांधी कालोनी फरीदाबाद निवासी एक व्यक्ति ने साइबर थाना एनआईटी में दी अपनी शिकायत में बताया कि उसने मर्चेंट नेवी में नौकरी के लिए डीजी वेबसाइट पर अपने डॉक्यूमेंट्स अपलोड किये थे।
जिसके बाद 8 अक्टूबर 2025 को उसके व्हॉट्सएप पर एक अंजान नंबर से कॉल आई जिसने अपने आप को कैप्टन बताया और कहा की आपके डॉक्यूमेंट्स हमने देख लिए है इस तरह कथित कैप्टन ने शिकायतकर्ता को अपने झांसे में ले लिया और नौकरी लगाने के नाम पर उससे दो लाख 80 हजार रुपये ट्रांसफर करवा लिए, जिसके बाद उसे कोई पैसा वापस नही मिला जिस शिकायत पर साइबर थाना एनआईटी में संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ में सामने आया कि विक्रम व पुष्पेंद्र कॉलर का काम करते थे। आरोपितों ने फेसबुक फर मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के लिए एक पैज भी बनाया हुआ था। जिस क्लिक करते ही उनके व्हॉट्सएप पर क्वेरी आ जाती थी, जिसके बाद व्यक्ति से वहॉट्सएप कॉल की जाती थी। आरोपी अशोक मास्टरमाइंट है जो पहले मर्चेंट नेवी में नौकरी कर चुका है, और जिसने पुर्व में जयपुर में मर्चेंट नेवी के कोर्स के लिए अकादमी भी खोल रखी थी। वहीं पर तीनों आरोपितों की आपस में मुलाकात हुई थी। तीनों आरोपित ग्रेजुएट है।


