देश के कई राज्यों में भारी बारिश से हालात बिगड़ गए हैं। महाराष्ट्र के नासिक, मुंबई और पुणे में भी बारिश से बाढ़ जैसे हालात हैं। नासिक में त्र्यंबकेश्वर के दो गांवों को जोड़ने वाला पुल और सड़कें बह गईं।
यह मंदिर का परिक्रमा मार्ग भी था। श्रद्धालुओं की एंट्री दो दिन के लिए रोक दी गई है। नासिक में गोदावरी नदी खतरे के निशान के ऊपर बह रही है।
वहीं गुजरात के सूरत और नवसारी में बाढ़ के हालात बन गए हैं। राजस्थान के जोधपुर समेत कई शहरों में सड़कों पर नदियों की तरह पानी बह रहा है। मध्य प्रदेश के जबलपुर में पांच मंजिला इमारत गिर गई।
गुजरात के सूरत में 36 घंटे में 19 इंच बारिश हुई। इसके साथ ही जुलाई 1941 में दर्ज हुई 18 इंच बारिश का 85 साल पुराना रिकॉर्ड टूट गया। शहर में बाढ़ आ गई, शॉपिंग मॉल की एक मंजिल पानी में डूब गई और कारें सड़कों पर बहती नजर आईं। शहर का कोई इलाका नहीं बचा, जहां पानी न भरा हो।
सूरत में करंट लगने, पेड़ और बिजली गिरने से 9 लोगों की जान चली गई। बाढ़ में फंसे 3400 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। सूरत और नजदीकी इलाके नवसारी में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी बंद हैं। लोगों से कहा गया है कि बेहद जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें।


