सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 24 घंटे के दौरान CJP को जेपी नड्डा के आवास या ऑफिस पर बातचीत के लिए चार बार ऑफर भेजा गया है।
CJP ने कहा है कि सरकार को बात करनी है तो जंतर-मंतर आए या किसी न्यूट्रल जगह पर बातचीत करे। हम किसी के घर या ऑफिस नहीं जाएंगे। कॉकरोच पार्टी ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है। 20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन 20 जून से जारी है। प्रदर्शनकारी NEET पेपर लीक मामले में जवाबदेही तय करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शन से जुड़े सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक 28 जून से अनशन पर हैं और फिलहाल गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती हैं।
करीब एक महीने में कॉकरोच जनता पार्टी का आंदोलन छात्र प्रदर्शन से निकलकर राष्ट्रीय मुद्दा बन गया। शुरुआती सख्ती के बाद अब सरकार बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश कर रही है। सरकार का रुख कैसे बदला, इसे 5 पॉइंट्स में समझिए-
20 जुलाई के संसद मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने 24 जुलाई को देशभर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की है। संगठन ने सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी कर कहा कि सभी जिलों में एक दिन का प्रदर्शन कर पुलिस कार्रवाई के पीड़ितों के साथ एकजुटता दिखाई जाए।
CJP ने छात्र संगठनों और अन्य संस्थाओं से स्थानीय प्रशासन से अनुमति लेकर प्रदर्शन आयोजित करने को कहा है। साथ ही प्रदर्शन के दौरान छात्रों की मांगों को सार्वजनिक रूप से पढ़ने और पुलिस कार्रवाई के खिलाफ एकजुटता जताने की अपील की है। पोस्ट में प्रदर्शन के लिए विस्तृत SOP और मेमोरेंडम का भी जिक्र किया गया है।


