फरीदाबाद। श्री लक्ष्मीनारायण दिव्यधाम एवं श्री सिद्धदाता आश्रम में शारदीय नवरात्र के पावन अवसर पर नौ दिवसीय अनुष्ठान विधिवत प्रारंभ हो गए। शुभारंभ के अवसर पर युवराज स्वामी श्री अनिरुद्धाचार्य जी ने घट स्थापना की, जबकि पीठाधिपति जगद्गुरु रामानुजाचार्य स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने आरती कर श्रद्धालुओं को आशीर्वाद एवं प्रसाद प्रदान किया। इस अवसर पर स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने नवरात्र के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैदिक परंपरा में चार नवरात्रों का उल्लेख मिलता है, जिनमें चैत्र और शारदीय नवरात्र गृहस्थों के लिए विशेष महत्व रखते हैं।
उन्होंने कहा कि नवरात्र केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि जीवन में शुचिता, संयम और सदाचार अपनाने का अवसर भी है। श्रद्धालुओं को इन दिनों में अपने जीवन को अनुशासित बनाने के साथ माता की भक्ति, ध्यान और पूजन-अर्चन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जो भक्त किसी कारणवश अन्य नवरात्रों में साधना नहीं कर पाते, उन्हें शारदीय नवरात्र में विशेष रूप से माता की आराधना करनी चाहिए। इससे जीवन में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।
स्वामी श्री पुरुषोत्तमाचार्य जी महाराज ने बताया कि वर्ष 1989 में आश्रम की स्थापना के समय से ही यहां शारदीय नवरात्र के दौरान विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालु भक्तिभाव के साथ गुरुमंत्र का जाप करते हैं तथा अपने जीवन की उन्नति, सुख-शांति और मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए माता, गुरु और अपने इष्ट का स्मरण करते हैं। नौ दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लिया है, जो आगामी नौ दिनों तक साधना, पूजा-पाठ एवं विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होंगे। इस दौरान माता दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों का विधिवत पूजन एवं आराधना की जाएगी। नवरात्र के समापन पर 20 अक्टूबर को दशमी के अवसर पर आश्रम में विशाल दशहरा पर्व आयोजित किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है।


