बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा और एक्स को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट फौरन हटाने का आदेश दिया। साथ ही पोस्ट करने वाले यूजर्स की जानकारी भी मांगी।
हाईकोर्ट ने इन कंपनियों से कहा, ‘भविष्य में भी अगर मंत्री की ओर से ऐसा कोई कंटेंट ध्यान में लाया जाता है, तो उसे भी हटाया जाएगा।’
गडकरी ने 27 जुलाई को हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सोशल मीडिया पर उन्हें और उनके परिवार को ई-20 इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से होने वाले कथित मुनाफे से जोड़ा जा रहा है।
याचिका में कहा गया, ‘लोग उनके खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट्स और मीम बना रहे हैं। इससे उनकी इमेज खराब हो रही है।’ सुनवाई के दौरान मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) और एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) के वकील कोर्ट में मौजूद रहे।
जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच ने कहा, मेटा और गूगल फौरन इन पोस्ट को हटाने पर काम करे। यह भी पूछा कि क्या उनके पास ऐसा कोई सिस्टम है, जिससे बिना कोर्ट गए ऐसी पोस्ट को हटाया जा सके। प्लेटफॉर्म को ऐसी पोस्ट खुद ही हटा देनी चाहिए।
जस्टिस डॉक्टर ने कहा, ‘आपके पास इतनी टेक्नोलॉजी है, तो क्या आपके पास कोई ऐसा सिस्टम नहीं है, जो ऐसे मामलों को पकड़ सके। अगर कोई अश्लील या अपमानजनक चीज डालता है, तो उसे तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। यह बहुत ही घटिया बात है।’


