गाजा सिटी में इजराइली हमले में हमास के सेकेंड-इन-कमांड राएद सईद की मौत हो गई है। इजराइली सेना (IDF) ने शनिवार को यह दावा किया कि उसने गाजा सिटी में एक कार को निशाना बनाकर यह हमला किया। हालांकि, हमास ने अब तक राएद सईद की मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
राएद, हमास अल-कासिम ब्रिगेड का प्रमुख कमांडर था। अल जजीरा की रिपोर्ट्स के अनुसार इजराइली सेना ने कहा कि सईद हमास के हथियार बनाने वाले नेटवर्क का प्रमुख था और अक्टूबर 2023 में इजराइल पर हुए हमलों की साजिश बनाने वालों में भी शामिल था।
हमास के सूत्रों के मुताबिक राएद गाजा सिटी बटालियन का पूर्व प्रमुख भी रहा था। इजराइल का आरोप है कि सईद सीजफायर के बावजूद हमास की क्षमताओं को फिर से मजबूत करने और हथियार बनाने का काम कर रहा था, जो समझौते का उल्लंघन है।
यह हमला हमास के इजराइली सैनिकों पर हमले के बाद हुआ। इसमें 2 इजराइली सैनिक घायल हो गए थे। इसके बाद इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने सईद को निशाना बनाने का आदेश दिया था। अब नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने सैनिकों की मौत का बदला ले लिया।
इजराइल डिफेंस फोर्स (IDF) ने कहा कि हमें रियल-टाइम में खुफिया जानकारी मिली कि सईद गाजा शहर के पश्चिमी हिस्से में यात्रा कर रहा था। हमने मौका हाथ से निकलने से पहले उसे मारने के लिए तुरंत कार्रवाई की।
अरब के खुफिया अधिकारियों के मुताबिक राएद पिछले 2 साल के दौरान ज्यादातर समय गाजा सिटी के नीचे बनी हमास की सुरंग में छिपा रहा।
दूसरी ओर हमास ने सईद की मौत की पुष्टि नहीं की है। संगठन का कहना है कि इजराइली ड्रोन ने गाजा सिटी के पश्चिम में नबुलसी जंक्शन के पास एक सिविलियन गाड़ी को निशाना बनाया।
गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में पांच लोगों की मौत हुई और 25 लोग घायल हुए।
अल जजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक गाजा प्रशासन का कहना है कि यह हमला अक्टूबर 2025 में हुए सीजफायर का उल्लंघन है। सीजफायर के बाद से इजराइल ने गाजा में करीब 800 से ज्यादा हमले किए, जिनमें कम से कम 386 लोगों की मौत हुई।
अक्टूबर में अमेरिका और उसके सहयोगियों की मध्यस्थता से यह सीजफायर हुआ था। इसके तहत गाजा में बचे हुए आखिरी 20 बंधकों को रिहा किया गया और बदले में करीब 2,000 फिलिस्तीनी कैदियों और बंदियों को छोड़ा गया।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प सीजफायर के अगले चरण को आगे बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं। इस चरण में हमास से हथियार छोड़ने की उम्मीद की जा रही है और इसके बदले गाजा से इजराइली सेना की पूरी वापसी होनी है। लेकिन हमास अपने सभी हथियार छोड़ने को तैयार नहीं हुआ है।


