सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया ने गुरुवार को मीडिया से बातचीत में कहा- मेरी राय में मुख्यमंत्री बदलने की कोई जरूरत नहीं है। सिद्धारमैया ही पूरे कार्यकाल के लिए मुख्यमंत्री रहेंगे। पता नहीं बार-बार नेतृत्व बदलने की बात क्यों उठाई जा रही है।
पहले कभी पावर शेयरिंग पर कोई बात हुई थी या नही, इसके बारे में मुझे नहीं पता। हाईकमान का फैसला ही अंतिम फैसला होता है। दिल्ली जाकर लॉबिंग करना पहली बार नहीं है, पहले भी अलग-अलग पार्टियों में ऐसा होता रहा है।
कर्नाटक में कांग्रेस सरकार का 20 नवंबर को 2.5 साल का कार्यकाल पूरा हुआ है। अब सत्ता संतुलन को लेकर बयानबाजी जारी है। कुछ विधायक जो डिप्टी CM डीके शिवकुमार के समर्थक माने जाते हैं, वे दिल्ली जाकर खड़गे से मिले थे। हालांकि शिवकुमार ने ऐसे किसी कार्यक्रम की जानकारी होने से इनकार किया।
सूत्रों के मुताबिक सिद्धारमैया कैबिनेट फेरबदल के पक्ष में हैं। जबकि शिवकुमार चाहते हैं कि पार्टी पहले नेतृत्व परिवर्तन पर फैसला करे। पार्टी के अंदरूनी हलको में यह भी माना जा रहा है कि यदि हाई कमान कैबिनेट विस्तार को मंजूरी देता है, तो इससे सिद्धारमैया के पूरे कार्यकाल (5 साल) तक टिके रहने का संकेत मिल सकता है, जो शिवकुमार की सीएम बनने की संभावनाओं को कम कर देगा।
इससे पहले खड़गे ने बुधवार को कहा था कि पार्टी हाईकमान मिलकर इस समस्या को सुलझा लेंगे, जरूरत पड़ने पर मध्यस्थता भी करेंगे। उन्होंने ANI से बातचीत में कहा- वहां की जनता ही बता सकती है कि सरकार कैसा काम कर रही है। लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि में राहुल गांधी, सोनिया गांधी एक साथ बैठकर इस पर चर्चा करेंगे।
कर्नाटक बीजेपी ने मंगलवार को उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार का AI वीडियो जारी किया। इसमें शिवकुमार लैपटॉप में ऑनलाइन मुख्यमंत्री कुर्सी खरीद रहे हैं, लेकिन जैसे ही वह इसे कार्ट में जोड़ते हैं, स्क्रीन पर “आउट ऑफ स्टॉक” लिखा आता है। साथ ही कैप्शन में लिखा- “DK शिवकुमार अभी।”
इधर मंगलवार को एक ही दिन में कांग्रेस अध्यक्ष, कर्नाटक के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के बयान आए थे। डिप्टी सीएम और कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने कहा- मैं मुख्यमंत्री बदलाव पर सार्वजनिक रूप से कुछ नहीं कहूंगा, यह हम 4-5 लोगों के बीच की सीक्रेट डील है।
वहीं मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि पार्टी हाईकमान को इस पूरे भ्रम पर अंतिम फैसला लेना चाहिए, ताकि यह मुद्दा खत्म हो सके। साथ ही कहा कि अगर हाईकमान सीएम बदलने को लेकर कोई फैसला लेता है तो वे उसका पालन करेंगे।
दिल्ली में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- कर्नाटक में नेतृत्व बदलने से जुड़े मुद्दों पर सार्वजनिक मंच पर चर्चा नहीं की जा सकती। राहुल से मुलाकात के सवाल पर उन्होंने कहा- पार्टी अध्यक्ष कहीं भी चर्चा नहीं करते। अगर मुलाकात होती है, तो वहीं बात होगी।


