फरीदाबाद: इस्कॉन मंदिर, सेक्टर-37, फरीदाबाद में भगवान श्री बलराम जी का पावन प्राकट्य दिवस श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर दिनभर विभिन्न धार्मिक एवं भक्ति कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया। भगवान बलराम जी भगवान श्रीकृष्ण के शाश्वत बड़े भाई, उनके प्रथम विस्तार, आदि-गुरु तथा आध्यात्मिक शक्ति के स्वरूप माने जाते हैं। श्रीकृष्ण और बलराम जी आध्यात्मिक रूप से अभिन्न हैं। जब-जब भगवान श्रीकृष्ण इस धरा पर अवतरित होते हैं, भगवान बलराम जी भी उनके साथ विभिन्न रूपों में प्रकट होते हैं। भगवान श्रीराम के अवतार में वे लक्ष्मण जी के रूप में उनके साथ रहे और श्रीकृष्ण की लीलाओं में बलराम जी के रूप में अनेक दिव्य लीलाओं में सहभागी बने।
बलराम जी का प्राकट्य दिवस भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति, गुरु-तत्त्व और भगवान की सेवा के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है। यह अवसर हमें अपने जीवन में भक्ति, विनम्रता और आध्यात्मिक दृढ़ता विकसित करने का संदेश देता है।
मंदिर में उत्सव का शुभारंभ प्रातः 4:30 बजे मंगल आरती से हुआ, जिसके बाद भक्तों ने जप किया। प्रातः 8 बजे भगवान बलराम जी की महिमा एवं उनकी दिव्य लीलाओं पर विशेष कथा का आयोजन हुआ। कथा के पश्चात उत्साहपूर्ण कीर्तन हुआ और भगवान बलराम जी का भव्य अभिषेक किया गया। कार्यक्रम का समापन दोपहर 1 बजे प्रसाद वितरण के साथ हुआ।
इस अवसर पर इस्कॉन फरीदाबाद के मंदिर अध्यक्ष गोपीश्वर दास जी ने कहा कि भगवान बलराम जी हमें आध्यात्मिक जीवन में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक शक्ति और सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।


