कर्नाटक में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद भारत रत्न वैज्ञानिक सीएनआर राव को नाम में गड़बड़ी के मामले में नोटिस जारी किया गया है। पुराने रिकॉर्ड में उनका नाम ‘ProfCNR राव’ है, जबकि नए रिकॉर्ड में ‘Proff CNR राव’ लिखा है।
नोटिस में उन्हें इस मामले को सुलझाने के लिए बेंगलुरु के मल्लेश्वरम में सुनवाई के लिए पेश होने को कहा गया है। हालांकि, राव के कार्यालय ने कहा कि उन्हें अब तक कोई नोटिस नहीं मिला है। नोटिस ऑनलाइन जारी किया गया है, लेकिन उन्होंने इसे देखा नहीं है। राव को 2014 में भारत रत्न से सम्मानित किया जा चुका है।
कर्नाटक में SIR 17 अगस्त को खत्म हुआ। इसके बाद 23 सितंबर तक आपत्तियां और नोटिस पर चुनाव आयाोग में सुनवाई चलेगी। SIR के दौरान कई हस्तियों के साथ हो चुके विवाद। इनमें राहुल द्रविड़, प्रकाश राज और राघव चड्ढा का भी नाम शामिल है।
CNR राव का जन्म 1934 में बेंगलुरु में हुआ था। उन्होंने केमिस्ट्री रिसर्च में योगदान दिया है। इनमें सॉलिड-स्टेट मैटेरियल्स, नैनोमैटेरियल्स और स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री शामिल हैं।
उन्होंने 1976 में IISc में सॉलिड स्टेट एंड स्ट्रक्चरल केमिस्ट्री यूनिट की स्थापना की थी। वे 1984 से 1994 तक IISc के निदेशक रहे।
सीएनआर राव ने 1,600 से ज्यादा रिसर्च पेपर लिखे हैं और उन्हें कई अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित किया जा चुका है।
चुनाव आयोग ने 14 मई को हरियाणा, झारखंड, उत्तराखंड, दिल्ली और महाराष्ट्र समेत 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में स्पेशल इंटेसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा की थी। यह SIR का तीसरा फेज है।
पूरी प्रक्रिया 30 मई से 23 दिसंबर तक चलेगी। इस दौरान 36.73 करोड़ वोटरों का वेरिफिकेशन हो रहा है। जिन राज्यों में SIR होगा, उनमें पंजाब, उत्तराखंड और मणिपुर में अगले साल विधानसभा चुनाव हैं। अन्य 13 राज्यों में 2028 और 2029 में चुनाव होंगे।
SIR के पहले और दूसरे फेज में 10 राज्य और 3 केंद्र शासित प्रदेश कवर हो चुके हैं। SIR के बाद बिहार, पश्चिम बंगाल, पुडुचेरी और असम विधानसभा चुनाव में भाजपा जीती है। केरल में कांग्रेस गठबंधन और तमिलनाडु में TVK ने जीत हासिल की है। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) हुआ। यहां भी भाजपा सरकार की वापसी हुई।


